Sad Shayari in Hindi 2019 – सैड शायरी

Sad Shayari in hindi -Hello friends in this post we are going to share very emotional, heart breaking sad love shayari in Hind which you can share with your girlfriend and boyfriend. All these shayari are specially for boyfriend and girlfriend.

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So friends without wasting any time let’s start reading this very emotional, heart breaking sad shayari collection in hindi.

Sad Shayari in Hindi 2019

सैड शायरी

sad shayari in hindi

मंजीले मुश्किलथी पर हम खोये नहीं… दर्द था दिल में पर हम रोये नहीं… कोई नहीं आज हमारा जो पूछे हमसे… जाग रहे हो किसी के लिए..या किसी के लिये सोये नहीं.


वो कौन सा दिन था जब तुम मिले थे… मौसम खुशनुमा था और गुल खिले थे… आज ना ही तुम हो और न ही वो मौसम… क्या जरूरत थी तुम्हे मिलने की… हम तो पहले ही भले थे.


अपने मुकद्दरका ये सिला भी क्या कम है… एक खुशी के पीछे छुपे हजारो गम है…. चहेरे पे लिये फिरते है मुश्कुराहट फिर भी… और लोग कहते है कितने खुशनसीब हम है.


ना हम रहे दिल लगाने के क़ाबिल ना दिल रहा घाम उठाने के क़ाबिल लगा उसकी यादों के जो ज़ख़्म दिल पर ना छोड़ा उस ने मुस्कुराने के क़ाबिल.


मंज़िलें मुश्किल थी पर हम खोए नही दर्द था दिल मे पर हम रोए नही कोई नही आज हमारा आज जो पूछे हमसे जाग रहे हो किसी के लिए या किसी के लिए सोए नही.


किसी को इश्क़ की अच्छाई ने मार डाला किसी को इश्क़ की गहराई ने मार डाला करके इश्क़ कोई ना बच सका जो बच गया उससे तन्हाई ने मार डाला.


कोई दीवाना कहता है कोई पागल समझता है मगर धरती की बेचानी को बस बादल समझता है में तुझसे दूर कैसा हूँ तू मुझसे दूर कैसी है ये तेरा दिल समझता है या मेरा दिल समझता है.


आँसू आ जाते है रोने से पहले… ख्वाब टूट जाते है सोने से पहले.. लोग कहते है मोहब्बत गुनाह है… काश कोई रोक लेते यह गुनाह होने से पहले.


जिसने हमको चाहा उसे हम चाह न सके जिसको चाहा उसे हम पा न सके यह समजलो दिल टूटने का खेल है किसी का तोडा और अपना बचा न सके.


रोती हुई आँखो मे इंतेज़ार होता है ना चाहते हुए भी प्यार होता है क्यू देखते है हम वो सपने जिनके टूटने पर भी उनके सच होने का इंतेज़ार होता है.


वो रोए तो बहुत पर मुझसे मूह मोड़ कर रोए कोई मजबूरी होगी तो दिल तोड़ कर रोए मेरे सामने कर दिए मेरे तस्वीर के टुकड़े पता चला मेरे पीछे वो उन्हे जोड़ कर रोए.


हम मौत को भी जीना शिखा देंगे बुजी जो शमा तो उसे भी जला देंगे कसम तेरे प्यार की जिस दिन हम जायेंगे दुनिया से एक बार तुजे भी रुला देंगे.


इस कदर हम यार को मनाने निकले उसकी चाहत के हम दीवाने निकले जब भी उसे दिल का हाल बताना चाहा तो उसके होठों से वक़्त ना होने के बहाने निकले.


आप हमें रुलादो हमें गम नहीं आप हमें भुलादो हमें कोई गम नहीं जिस दिन हमने आप को भुला दिया समझ लेना इस दुनीया में हम नहीं.


प्यार करने वालों की किस्मत बुरी होती है मुलाक़ात जुदाई से जुडी होती है वक़्त मिले तो प्यार की किताब पढ़ लेना हर प्यार करने वाले की कहानी अधूरी होती है.


हम तो जी रहे थे उनका नाम लेकर वो गुज़रते थे हमारा सलाम लेकर कल वो कह गये भुला दो हुमको हमने पुछा कैसे वो चले गये हाथो मे जाम देकर.


जाने क्यूँ लोग हमें आज़माते है कुछ पल साथ रह कर भी दूर चले जाते है सच्च ही कहा है कहने वाले ने सागर के मिलने के बाद लोग बारिश को भूल जाते है.


काश वो समझते इस दिल की तड़प को तो यूँ हमें रुसवा ना किया होता उनकी ये बेरुखी भी मंज़ूर थी हमें बस एक बार हमें समझ लिया होता


रेत पर नाम कभी लिखते नहीं रेत पर नाम कभी टिकते नहीं लोग कहते है कि हम पत्थर दिल हैं लेकिन पत्थरों पर लिखे नाम कभी मिटते नहीं.


प्यार में मैंने सब कुछ खोया सिर्फ तुझे पाने के लिए दुनिया से भी खूब लड़ा सिर्फ तुझे अपना बनाने के लिए आज नहीं तो कल अगर तूं मुझे भूल जाओगी तेरी यादों को हम जलायेंगे सिर्फ तुझे भुलाने के लिए.


हर रोज़ पीता हूँ तेरे छोड़ जाने के ग़म में वर्ना पीने का मुझे भी कोई शौंक नहीं बहुत याद आते है तेरे साथ बीताये हुये लम्हें वर्ना मर मर के जीने का मुझे भी कोई शौंक नहीं.


एक दिन जब हम दुनिया से चले जायेंगे मत सोचना आपको भूल जायेंगे बस एक बार आसमान की तरफ देख लेना मेरे आँसू बारिश बनके बरस आयेंगे.


ना मुस्कुराने को जी चाहता है ना आंसू बहाने को जी चाहता है लिखूं तो क्या लिखूं तेरी याद मे बस तेरे पास लौट आने को जी चाहता है.


आशिकों की किस्मत में जुदा होना ही लिखा होता है सच्चा प्यार होता है तो दिल को खोना ही लिखा होता है सब जानते हुए भी में भी प्यार उससे कर बैठा भूल गया के मोहब्बत में सिर्फ रोना ही लिखा होता है.


चाँद का क्या कसूर अगर रात बेवफा निकली कुछ पल ठहरी और फिर चल निकली उन से क्या कहे वो तो सच्चे थे शायद हमारी तकदीर ही हमसे खफा निकली.


आँखों से आंसू न निकले तो दर्द बड जाता है उसके साथ बिताया हुआ हर पल याद आता है शायद वो हमें अभी तक भूल गए होंगे मगर अभी भी उसका चेहरा सपनो में नज़र आता है.


हमने भी कभी प्यार किया था थोड़ा नही बेशुमार किया था बदल गयी जिंदगी तब जब उसने कहा अरे पागल मैने तो मज़ाक किया था.


अगर वो मांगते हम जान भी दे देते मगर उनके इरादे तो कुछ और ही थे मांगी तो प्यार की हर निशानी वापिस मांगी मगर देते वक़्त तो उनके वादे कुछ और ही थे.


तनहाई में फरियाद तो कर सकता हूँ वीराने को आबाद कर सकता हूँ जब चाहूँ तुम्हे मिल नहीं सकता लेकिन जब चाहूँ तुम्हे याद कर सकता हूँ.


तेरे चेहरे को कभी भुला नहीं सकता तेरी यादों को भी दबा नहीं सकता आखिर में मेरी जान चली जायेगी मगर दिल में किसी और को बसा नहीं सकता.


जिनकी याद में हम दीवाने हो गए वो हम ही से बेगाने हो गए शायद उन्हें तालाश है अब नये प्यार की क्यूंकि उनकी नज़र में हम पुराने हो गए.


दुनिया में कोई किसी के लिए कुछ नहीं करता मरने वाले के साथ हर कोई नहीं मरता अरे… मरने की बात तो दूर रही यहाँ तो जिंदगी है फिर भी कोई याद नहीं करता.


लोग अपना बना के छोड़ देते हैं अपनों से रिशता तोड़ कर गैरों से जोड़ लेते हैं हम तो एक फूल ना तोड़ सके नाजाने लोग दिल कैसे तोड़ देते हैं.


कितनी जल्दी ज़िन्दगी गुज़र जाती है प्यास भुझ्ती नहीं बरसात चली जाती है तेरी याद कुछ इस तरह आती है नींद आती नहीं मगर रात गुज़र जाती है.


उसकी यादों को किसी कोने में छुपा नहीं सकता उसके चेहरे की मुस्कान कभी भुला नहीं सकता मेरा बस चलता तो उसकी हर याद को भूल जाता लेकिन इस टूटे दिल को मैं समझा नहीं सकता.


कोई दिखा कर रोये कोई छुपा कर रोये हमें रुलाने वाले हमें रुला कर रोये मरने का मज़ा तो तभी है यारो… जब कातिल भी जनाज़े पर आकर रोये.


क्या हूँ मैं और क्या समझते है सब राज़ नहीं होते बताने वाले कभी तनहाइयों में आकर देखना कैसे रोते है सबको हसाने वाले.


दर्द दे कर इश्क़ ने हमे रुला दिया जिस पर मरते थे उसने ही हमे भुला दिया हम तो उनकी यादों में ही जी लेते थे मगर उन्होने तो यादों में ही ज़हेर मिला दिया.


मत पूछो मेरे दिल का हाल आपके दिल भी बिखर जाएँगे इस लिए नही सुनाते अपने दिल का दर्द किसी को ये सुनके तो तन्हाई के भी आँसू निकले.


फूलो से सजे गुलशन की ख्वाइश थी हमें मगर जीवनरूपी बाग़ में खिल गए कांटे. अपना कहने को कोई नहीं है यहाँ दिल के दर्द को हम किसके साथ बांटे.


दवा है दर्द सीने में दवा उसकी दवा दी है ऐ मेरी रानी तुने मुझे किसकी सजा दी है माना की तुने मुझे छोड़ दिया सारी जिन्दगी के लिए फिर भी खुदा से तेरे हँसने की दुआ की है.


मेरी ख्वाबिन्दा उम्मीदों को जगाया क्यों था, दिल जलना था तो फिर तुमने दिल लगाया क्यों था, अगर गिरना था इस तरहा नजरोसे हमें, तो फिर मेरे इस्सक को कलेजे से लगाया क्यों था.


तुमको मिलके बीते हूए कल की याद आने लगी ज़िन्दगी जीने की तम्मना फिरसे खिल उठी लेकिन जब तुम्हारे लबो के किसी और का नाम सुना तो ज़िन्दगी में फिर से अमावस का अँधेरा छा गया.


बनाने वाले ने दिल काँच का बनाया होता . तोड़ने वाले के हाथ मे जखम तो आया होता . जब बी देखता वो अपने हाथों को उसे हमारा ख़याल तो आया होता.


दोस्त ने दोस्त को दोस्त के लिए रुला दिया क्या हुआ जो किसी केलिए उसने हूमें भुला दिया हम तो वैसे भी अकेले थे अच्छा हुआ जो उसने हमे एहसास तो दिला दिया.


तुज़से दोस्ती करने का हिसाब ना आया मेरे किसी भी सवाल का जवाब ना आया हम तो जागते रहे तेरे ही ख़यालो मे और तुझे सो कर भी हमारा ख्वाब ना आया.


अपनो को दूर होते देखा सपनो को चूर होते देखा अरे लोग कहते हैँ कि फूल कभी रोते नही हमने फूलोँ को भी तन्हाइयोँ मे रोते देखा.


दिल जित ले वो नजर हम भी रखते है भीड़ में नजर आये वो असर हम भी रखते है यु तो वादा किया है किसीसे मुस्कुराने का वरना आँखों में समंदर हम भी रखते है.


अपनों से दूर है अपनों की तलाश ज़िन्दगी से दूर है ज़िन्दगी की तलाश मैं अपने आप को कभी समझ नहीं पाया कि मैं जी रहा हूँ ज़िन्दगी या हूँ एक जिंदा लाश.


जीना चाहता हूँ मगर जिनदगी राज़ नहीं आती मरना चाहता हूँ मगर मौत पास नहीं आती उदास हूँ इस जिनदगी से क्युकी उसकी यादे भी तो तरपाने से बाज नहीं आती.


में खफा नहीं हूँ जरा उसे बता देना आता जाता रहे यहाँ इतना समझा देना में उसके गम में शरीक हूँ पर मेरा गम न उसे बता देना जिन्दगी कागज की किश्ती सही शक में न बहा देना.


हमारे बिन अधूरे तुम रहोगे कभी चाहा था किसी ने तुम ये खुद कहोगे न होगे हम तो किसी ने तुम ये खुद कहोगे मिलेगे बहुत से लेकिन कोई हम सा पागल ना होगा.


जीना चाहता हूँ मगर जिदगी राज़ नहीं आती मरना चाहता हूँ मगर मौत पास नहीं आती उदास हु इस जिनदगी से क्युकी उसकी यादे भी तो तरपाने से बाज नहीं आती.


एक बेबफा के जख्मो पे मरहम लगाने हम गए मरहम की कसम मरहम न मिला मरहम की जगह मर हम गए.


प्यार करने वाले मरते नही मार दिए जाते हैं हिंदू कहते हैं मारदो इन्हे मुस्लिम कहते हैं दफ़ना दो इन्हे पर कोई ये क्यूँ नही कहता की मिला दो इन्हे.


पत्थर की दुनिया जज़्बात नही समझती दिल में क्या है वो बात नही समझती तन्हा तो चाँद भी सितारों के बीच में है पर चाँद का दर्द वो रात नही समझती.


अपनो को दूर होते देखा सपनो को चूर होते देखा अरे लोग कहते हे फ़िज़ूल कभी रोते नही हमने फूलोँ को भी तन्हाइयोँ मे रोते देखा.


एक दिन हम भी कफ़न ओढ़ जाएँगे हर एक रिश्ता इस ज़मीन से तोड़े जाएँगे जितना जी चाहे सतालो यारो एक दिन रुलाते हुए सबको छोड़ जाएँगे.


मे तोड़ लेता अगर तू गुलाब होती मे जवाब बनता अगर तू सबाल होती सब जानते है मैं नशा नही करता मगर में भी पी लेता अगर तू शराब होती.


इंतज़ार की आरज़ू अब खो गयी है खामोशियो की आदत हो गयी है न सीकवा रहा न शिकायत किसी से अगर है तो एक मोहब्बत जो इन तन्हाइयों से हो गई है.


हमने भी कभी प्यार किया था थोड़ा नही बेशुमार किया था दिल टूट कर रह गया जब उसने कहा अरे मैने तो मज़ाक किया था.


जब खुदा ने इश्क बनाया होगा तब उसने भी इसे आजमाया होगा.. हमारी औकात ही क्या है कमबख्त इश्क ने तो खुदा को भी रुलाया होगा.


तुझे चाहा भी तो इजहार न कर सके कट गई उम्र किसी से प्यार न कर सके तुने माँगा भी तो अपनी जुदाई मांगी और हम थे की इंकार न कर सके.


याद तेरी आती है क्यो.यू तड़पाती है क्यो दूर हे जब जाना था.. फिर रूलाती है क्यो दर्द हुआ है ऐसे जले पे नमक जैसे. खुद को भी जानता नही तुझे भूलाऊ कैसे.


आज हम उनको बेवफा बताकर आए है उनके खतो को पानी में बहाकर आए है . कोई निकाल न ले उन्हें पानी से… इस लिए पानी में भी आग लगा कर आए है.


जब से देखा है तेरी आँखों मे झाक कर कोई भी आईना अच्छा नहीं लगता तेरी मोहब्बत मे ऐसे हुए हैं दीवानें तुम्हें कोई और देखें अच्छा नहीं लगता.


प्यार की कोई हद समझना मेरे बस की बात नहीं दिल की बातों को न करना मेरे बस की बात नहीं कुछ तो बात है तुझमें तब तो दिल ये तुमपे मरता है वरना यूँ ही जान गँवाना मेरे बस की बात नहीं.


प्रेम देह का मिलन नहीं है प्रेम दिलों का जुड़ना है चोटी पर चढ़कर मैं सोचूँ आगे बढूँ कि मुडना है समझ मुझे समझाती है ये रुक जाओ गिर जाओगे प्रेम कह रहा पंख पसारो नीलगगन तक उड़ना है.


तेरे गम को अपनी रूह में उतार लूँ..जिन्दगी तेरी चाहत में सवार लूँ..मुलाकात हो तुझ से कुछ इस तरह..तमाम उमर बस इक मुलाकात में गुजार लूँ.


ढूँढता हूं मैं जब अपनी ही खामोशी को मुझे कुछ काम नहीं दुनिया की बातों से आसमाँ दे न सका चाँद अपने दामन का माँगती रह गई धरती कई रातों से.


ना जाने मुहब्बत में कितने अफसाने बन जाते है शमां जिसको भी जलाती है वो परवाने बन जाते है कुछ हासिल करना ही इश्क कि मंजिल नही होती किसी को खोकर भी कुछ लोग दिवाने बन जाते है.


वो बेवफा हमारा इम्तेहा क्या लेगी… मिलेगी नज़रो से नज़रे तो अपनी नज़रे ज़ुका लेगी… उसे मेरी कबर पर दीया मत जलाने देना… वो नादान है यारो… अपना हाथ जला लेगी.


टूटे हुए प्याले में जाम नहीं आता इश्क़ में मरीज को आराम नहीं आता ये बेवफा दिल तोड़ने से पहले ये सोच तो लिया होता के टुटा हुआ दिल किसी के काम नहीं आता.


खुद से भी ज्यादा उन्हें प्यार किया करते थे उनकी ही याद में दिन रात जिया करते थे गुज़रा नहीं जाता अब उन राहों से जहाँ रुक कर हम उनका इंतज़ार किया करते थे.


कोई समझता नहीं उसे इसका गम नहीं करता पर तेरे नजरंदाज करने पर हल्का सा मुस्कुरा देता है उसकी हंसी में छुपे दर्द को महसूस तो कर वो तो हंस के यूँ ही खुद को सजा देता है.


किसी कली ने भी देखा न आँख भर के मुझे गुज़र गयी जरस-ए-गुल उदास करके मुझे मैं सो रहा था किसी याद के शबिस्ताँ में जगा के छोड़ गए काफिले सहर के मुझे.


कितना दर्द है दिल में दिखाया नहीं जाता गंभीर है किस्सा सुनाया नहीं जाता एक बार जी भर के देख लो इस चहेरे को क्योंकि बार-बार कफ़न उठाया नहीं जाता.


काश यह जालिम जुदाई न होती! ऐ खुदा तूने यह चीज़ बनायीं न होती! न हम उनसे मिलते न प्यार होता! ज़िन्दगी जो अपनी थी वो परायी न होती.


काश उसे चाहने का अरमान ना होता मैं होश में रहते हुए अनजान ना होता ना प्यार होता किसी पत्थर दिल से हमको या फिर कोई पत्थर दिल इंसान ना होता.


कांटो सी चुभती है तन्हाई! अंगारों सी सुलगती है तन्हाई! कोई आ कर हम दोनों को ज़रा हँसा दे! मैं रोता हूँ तो रोने लगती है तन्हाई.


कभी कभी मोहब्बत में वादे टूट जाते हैं इश्क़ के कच्चे धागे टूट जाते हैं झूठ बोलता होगा कभी चाँद भी इसलिए तो रुठकर तारे टूट जाते हैं.


एक दिन जब हुआ प्यार का अहसास उन्हें वो सारा दिन आकर हमारे पास रोते रहे और हम भी इतने खुद गर्ज़ निकले यारों कि आँखे बंद कर के कफ़न में सोते रहे.


उसकी याद में हम बरसों रोते रहे बेवफ़ा वो निकले बदनाम हम होते रहे प्यार में मदहोशी का आलम तो देखिये धूल चेहरे पे थी और हम आईना साफ़ करते रहे.


इस दिल की दास्ताँ भी बड़ी अजीब होती है बड़ी मुस्किल से इसे ख़ुशी नसीब होती है किसी के पास आने पर ख़ुशी हो न हो पर दूर जाने पर बड़ी तकलीफ होती है.


इश्क़ में जिसके ये अहवाल बना रखा है अब वही कहता है इस वजह में क्या रखा है ले चले हो मुझे इस बज्म में यारो लेकिन कुछ मेरा हाल भी पहले से सुना रखा है.


अभी सूरज नहीं डूबा ज़रा सी शाम होने दो मैं खुद लौट जाउंगा मुझे नाकाम होने दो मुझे बदनाम करने का बहाना ढूँढ़ते हो क्यों मैं खुद हो जाऊंगा बदनाम पहले नाम होने दो.


अब हवा जिधर जाये मैं भी उधर जाऊंगा मैं खुश्बू हूँ हवाओं में बिखर जाऊंगा अफ़सोस तुम्हें होगा मुझे सताओगे अगर मेरा क्या जितना भी जलाओगे उतना ही निखर जाऊंगा.


अपने सीने से लगाए हुए उम्मीद की लाश मुद्दतों जीस्त को नाशाद किया है मैंने तूने तो एक ही सदमे से किया था दो-चार दिल को हर तरह से बर्बाद किया है मैंने.


अनजाने में यूँ ही हम दिल गँवा बैठे इस प्यार में कैसे धोखा खा बैठे उनसे क्या गिला करें भूल तो हमारी थी जो बिना दिल वालों से ही दिल लगा बैठे.


दर्द से अब हम खेलना सीख गए हम बेवफाई के साथ जीना सीख गए क्या बताएं किस कदर दिल टूटा है मेरा मौत से पहले कफ़न ओढ़ कर सोना सीख गए.


लोग लौट जाते है गम हमारा देखकर जैसे लहर लौट जाती है किनारा देखकर मत देना कंधा मेरी अर्थी को ए बेदर्द कहीं फिर से ज़िंदा ना हो जाऊ तुम्हारा सहारा देखकर.


इनकार को इकरार कहते है ख़ामोशी को इजहार कहते है ना जाने कैसा दस्तूर है इस दुनिया का एक धोखा जिसे लोग प्यार कहते है.


रेत के शहर में आशियाना बनाया था कगझ की कश्ती का शहर बनाया था झोंका हवा का सबकुछ उड़ा ले गया शायद हमने ही रिश्ता कमजोर बनाया था.


प्यार आ जाता है आँखों में रोने से पहले हर ख़्वाब टूट जाता है सोने से पहले इश्क है गुनाह ये तो समज गए हम काश कोइ रोक लेता होने से पहले.


आज फिर से ये आँखे नम क्यों है जिसे कभी पाया ही नहीं उसे खोने का गम क्यों है उनसे मिलकर बिछड़े तो ये अहेसास हुआ की आखिर ये जिन्दगी इतनी कम क्यों है.


कभी खामोशी भी बहुत कुछ कह जाती है तड़पने के लिए सिर्फ यादें ही रह जाती है क्या फर्क पड़ता है दिल हो या कोइला जलने के बाद सिर्फ राख ही रह जाती है.


एक अजीब सा मंजर नज़र आता हैं हर एक आँसूं समंदर नज़र आता हैं कहाँ रखूं मैं शीशे सा दिल अपना हर किसी के हाथ मैं पत्थर नज़र आता हैं.


रोया है बहुत तब जरा करार मिला है इस जहाँ में किसे भला सच्चा प्यार मिला है गुजर रही है जिंदगी इम्तिहान के दौर से एक ख़तम तो दूसरा तैयार मिला है.


दर्द हैं दिल मैं पर इसका ऐहसास नहीं होता रोता हैं दिल जब वो पास नहीं होता बरबाद हो गए हम उनकी मोहब्बत मैं और वो कहते हैं कि इस तरह प्यार नहीं होता.


अपनी बेबसी पर आज रोना सा आया दूसरों को नहीं मैंने आपको को आज़माया हर दोस्त की तन्हाई दूर की मैंने मगर खुद को हर मोड़ पैर तनहा ही पाया.


किसी की याद मेरे आसपास रहती है बहोत दिनों से तबियत उदास रहती है बिछड़ गए है मगर दिल ये मानता ही नही ना जाने क्यों तेरे मिलने की आस रहती है.


जब छोड़ गए हो तो पलटकर देखते क्यूँ हो जा रहे हो तो खामोश में सिमटकर देखते क्यूँ हो हमारी जिन्दगी को गम-ए-फ़साना बनाके अब हंस-हंस कर मेरी तरफ देखते क्यूँ हो.


रात आती है तो तडपाती है मुझे तेरी खुशबु बैचेन कर जाती है मुझे रातो का वो मिलनदिन की वो मुलाकाते आज तेरी चाहत अक्सर रुलाती है मुझे.


बन गई फिर तेरीफिर मेरी ना रही हो गई कुरबानफिर मेरी जिन्दगी ना रही जब तू आई महेफिल में तो देखा मैने फिर इसके बाद चिरागों में रौशनी ना रही.


वो अंजुमन में रात बड़ी शान से गए इमान क्या चीज थीकई तो जान से गए मैं तो छुपा हुआ था हजारो नकाबो में लेकिन अकेला देख के पहेचान से गए.


कभी कभी तेरा मयखान याद आये बहोत की इक बूंद ना पी पर लडखडाये बहोत किताब-ए-दिल के जो पाने फेंक आये थे तेरे दिए हुए कुछ फुलयाद आये बहोत.


भूल कर भी दिल से दिल्लगी ना कीजिये अगर टूट गया है तो जाम लिया कीजिये अगर उससे भी नहीं मानता है तो मैं क्या कहू अब जान दिया कीजिये.


दिल दुखाने का काम छोड़ दो मेरे नाम कोई तो पैगाम छोड़ दो वफ़ा कर नहीं सकते तो ना ही सही लेना महेफिल में मेरा नाम छोड़ दो.


चमन से कौन चला ये खामोशियाँ लेकर ? कली-कली तड़प उठी है सिसकियाँ लेकर तमाशा देख रहे थे जो डूब जाने का मेरे मेरी तलाश में निकले है देखो कश्तिया लेकर.


दर्द-ए-दिल जब हद से गुजर जाता है बनकर स्याही लहू कागज़ पे बिखर जाता है जब-जब उठता है तेरी यादों का धुंआ बनकर नस्तर इस दिल में उतर जाता है.


रात दिन बस याद करते है उनसे मिलने की फ़रियाद करते है काम ही उनका दिल जलाना है बस वो तो हम जैसों को बरबाद करते है.


नादान इनकी बातो का एतबार ना कर भूलकर भी इन जालिमो से प्यार ना कर वो क़यामत तलक तेरे पास ना आयेंगे इनके आने का नादान तू इन्तजार ना कर.


मेरी आंखों के आंसू कह रहे मुझसे अब दर्द इतना है कि सहा नहीं जाता न रोक पलको से खुल कर छलकने दे अब यूं इन आंखों में रहा नहीं जाता.


क्यूं उठाते हो कब्र सेमेरा जनाजा उठने के बाद अभी तो आंखे बंद की है फुर्सत सेसारा काम निपटाने के बाद अब तो जाकर ये वक्त का मंजर रुका है न जाने कितनी दूरियां तय करने के बाद.


दर्द गूंज रहा दिल में शहनाई की तरह जिस्म से मौत की ये सगाई तो नहीं अब अंधेरा मिटेगा कैसे तुम बोलो तूने मेरे घर में शम्मा जलाई तो नहीं.


बेखुदी थी तो खुदी कहां होगी जिंदगी मुझसे मिली कहां होगी जिस मोड़ पर बिछड़े थे हम कभी मेरी रूह अब भी दफन वहां होगी.


सूख गए फूल पर बहार वही है दूर रहते है पर प्यार वही है जानते है हम मिल नहीं पा रहे है आपसे मगर इन आंखो में मोहब्बत का इंतजार वही है.


दिल लगाना छोड़ दिया हमने आंसू बहाना छोड़ दिया हमने बहुत खा चुके धोखा प्यार में मुस्कुराना इसलिए छोड़ दिया हमने.


आंसू को पलको तक लाया मत करो दिल की बात किसी को बताया मत करो लोग मुठ्ठी में नमक लिए फिरते है अपनी जख्म उन्हें दिखाया मत करो.


उजड़ी हुई दुनिया को तू आबाद न कर बीते हुए लम्हों को तू याद न कर एक कैद परिंदे ने ये कहा हमसे मैं भुल चुका हूं उड़ना मुझे आजाद न कर.


मेरे कलम से लफ्ज खो गए शायद आज वो भी बेवफा हो गए शायद जब नींद खुली तो पलको में पानी था मेरे ख्वाब मुझ पर रो गए शायद.


आज कल दुनिया में भला मुस्कराता कौन है जि़ंदगी की इस दौड़ में हंसता हंसाता कौन है तारों को ताकते गुज़र जाती हो रात जिनकी उनको क्या पता कि ख्वाबों में आता कौन है.


अंजान है अंजान ही रहने दो किसी की यादों में पल-पल मरने दो क्यों बदनाम करते हो हमारा नाम ले कर अब तो इस नाम को बेनाम ही रहने दो.


दिल तड़पता रहा और वो जाने लगे संग गुजरे हर लम्हें याद आने लगे खामोश नजरों से देखा जो उसने मुड़ कर यूं भीगी पलकों से हम भी मुस्कुराने लगे.


माना की आज हम अकेले रह गए जुदाई के आंसू आंखो से बह गए रोते हुए को कौन चुप कराएगा जो चुप कराते थे वहीं रोने को कह गए.


हर जख्म किसी ठोकर की मेहरबानी है मेरी जिंदगी बस एक कहानी है मिटा देते सनम के दर्द को इस सीने से पर ये दर्द ही उसकी आखरी निशानी है.


कलम से दिल की आवाज लिखता हूं गम-ए-जुदाई के अंदाजे बयां लिखता हूं रूकते नहीं आंखो से आंसू जब भी उसके याद में अलफाज लिखता हूं.


जरूरी तो नहीं जीने के लिए सहारा हो जरूरी तो नहीं जिसे हम चाहे वो हमारा हो कुछ कश्तियां डुब भी जाया करती है जरूरी तो नहीं हर कश्ती का किनारा हो.


मेरी चाहत ने उसे खुशी दे दी बदले में उसने मुझे सिर्फ खामोशी दे दी खुदा से दुआ मांगी मरने की लेकिन उसने भी तड़पने के लिए जिन्दगी दे दी.


ऐ ख़ुदा तू कभी इश्क न करना.बेमौत मारा जायेगा हम तो मर के भी तेरे पास आते हैं पर तू कहां जायेगा.


तेरे जाने के बाद कोई सहारा भी तो नहीं तुझे कभी तन्हाई में पुकारा भी तो नहीं तुझे हम आज भी चाहते हैं बहुत मगर फिर भी तू हमारा तो नहीं.

मेरी खामोशियों में भी फसाना ढूंढ लेती है बड़ी शातिर है ये दुनिया मजा लेने का कोई न कोई बहाना ढूंढ लेती है.


तेरे जाने के बाद कोई सहारा भी तो नहीं तुझे कभी तन्हाई में पुकारा भी तो नहीं तुझे हम आज भी चाहते हैं बहुत मगर फिर भी तू हमारा तो नहीं.


ना तंग करो इतना हम सताए हुए हैं मोहब्बत का गम दिल पे उठाए हुए हैं खिलौना समझ कर हम से ना खेलो हम भी उसी खुदा के बनाए हुए हैं.


आपको बिना बात के ही रूठने की आदत है किसी अपने का साथ न पाने की आदत है आप हमेशा खुश रहो मेरा क्या है दोस्तों मैं तो आईना हूं मुझे तो टूटने की आदत है.


खुद को भुला दिया रिश्ते निभाते-निभाते खुद को खो दिया अपनों को पाते पाते लोग कहते हैं कि दर्द बहुत हैं मेरे सीने में मगर हम हैं कि थक गए मुस्कुराते- मुस्कुराते.


किसी ने अपना प्यार हम पे लुटाया था हंसते हुए कुछ पल हमारे साथ बिताया था हमारी आंखो में उनके लिए आंसू हैं तो क्या हुआ किसी के लिए जान देना भी तो उसी ने सिखाया था.


मोहब्बत ने हम पर ये इल्जाम लगाया है वफा कर के बेबफा का नाम आया है राहें अलग नहीं थी हमारी फिर भी हम ने अलग अलग मंजिल को पाया हैं.


सुहाना मौसम और हवा मे नमी होगी आंसुओ की बहती नदी होगी मिलना तो हम तब भी चाहेंगे आपसे जब आपके पास वक्त और हमारे पास सासों कि कमी होगी.


बहुत चाहेंगे तुम्हें मगर भुला ना सकेंगे ख्यालों में किसी और को ला ना सकेंगे किसी को देखकर आसू तो पोंछ लेंगे मगर कभी आपके बिना मुस्कुरा ना सकेंगे.


उनको अपने हाल का हिसाब क्या देते सवाल सारे गलत थे जवाब क्या देते वो तीन लफ्जों की हिफाजत ना कर सके उनके हाथ में जिंदगी की पूरी किताब क्या देते.

Final Words

So boys and girls, these were the best sad shayari in hindi, we hope that by reading all of these sad shayari collection you must have felt sad. Friends please share with your boyfriend and girlfriend.

Also if you have any sad shayari then please share in the comment section and also don’t forget to give 1 like and share on facebook and whatsapp.  You can also share your thoughts about these shayari in the comment section and we will personally give reply to you. Thank you friends.

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