मैं तेरे लायक नहीं शायरी | मैं तेरे काबिल नहीं शायरी

मैं तेरे लायक नहीं शायरी – नमस्कार दोस्तों आज इस पोस्ट में हम आप सभी लोगो के साथ “मैं तेरे लायक नहीं हु पर शायरी” शेयर करने वाले है और दोस्तों हम आशा करते है की आपको ये शायरी जरुर पसंद आएगी. दोस्तों इस पोस्ट में आपको “मैं तेरे काबिल नहीं हु पर भी शायरी” मिल जाएगी.

दोस्तों कई बार ऐसा होता है की हमको लगता है की हमारे बॉयफ्रेंड या गर्लफ्रेंड हमको शायद उस लायक नहीं समझते है और तब दिल बहुत दुखता है और उदास भी हो जाता है. इसी को जताने के लिए आज हम आपके साथ ये शायरी कलेक्शन शेयर कर रहे है जो की बहुत ही sad करने वाली शायरी है.

दोस्तों आप इस पोस्ट को पूरा जरुर पढ़े, और यदि आप चाहो तो इन शायरी को अपने बॉयफ्रेंड या गर्लफ्रेंड के साथ शेयर भी कर सकते हो तो फिर चलो दोस्तों ज्यादा टाइम ना लेते हुए पोस्ट को स्टार्ट करते है.

मैं तेरे लायक नहीं शायरी

मैं तेरे काबिल नहीं शायरी

मैं तेरे लायक नहीं शायरी
मैं तेरे लायक नहीं शायरी | मैं तेरे काबिल नहीं हु शायरी

उगता हुआ सूरज दुआ दे आपको,
खिलता हुआ फूल खुशबू दे आपको,
हम तो कुछ भी देने के काबिल नहीं,
देनेवाला हज़ार खुशिया दे आपको.


ज़िदगी रही तो हर दिन,
तुम्हे याद करते रहेगे,
भूल गए तो समझ लेना,
खुदा ने हमे याद कर लिया.


माना कि तेरे काबिल नहीं है हम,
पर हम भी दिल में अरमान रखते है,
तुम खुश रहना हर पल आज के दिन,
ये इस प्यारी सुबह का पैगाम रखते है.


दिन हुआ है, तो रात भी होगी,
मत हो उदास, उससे कभी बात भी होगी,
वो प्यार है ही इतना प्यारा,
ज़िंदगी रही तो मुलाकात भी होगी.


वो बिछड़ के हमसे ये दूरियां कर गई,
न जाने क्यों ये मोहब्बत अधूरी कर गई,
अब हमे तन्हाइयां चुभती है तो क्या हुआ,
कम से कम उसकी सारी तमन्नाएं तो पूरी हो गई.


अब तेरे बिना जिंदगी गुजारना मुमकिन नही है,
अब और किसी को इस दिल में बसाना आसान नही है,
हम तो तेरे पास कब के चले आये होते सब कुछ छोड़ कर,
लेकिन तूने कभी हमे कभी लायक समझा ही नही है.


मंजिल भी उसकी थी, रास्ता भी उसका था,
एक मैं ही अकेला था, बाकि सारा काफिला भी उसका था,
एक साथ चलने की सोच भी उसकी थी,
और बाद में रास्ता बदलने का फैसला भी उसी का था.


चिंगारी का ख़ौफ़ न दिया करो हमे,
हम अपने दिल में दरिया बहाय बैठे है,
अरे हम तो कब का जल गये होते इस आग में,
लेकिन हमतो खुद को आंसुओ में भिगोये बैठे है.


वो बात क्या करें जिसकी कोई खबर ना हो,
वो दुआ क्या करें जिसका कोई असर ना हो,
कैसे कह दे कि लग जाय हमारी उमर आपको,
क्या पता अगले पल हमारी उमर ना हो.


उम्मीद नहीं है फिर भी जिए जा रहा हूँ,
खाली है बोतल फिर भी पिए जा रहा हूँ,
पता नहीं वो मिलेंगे या नहीं,
इज़हार-ए-मोहब्बत के लिए पिए जा रहा हूँ.


कितनी आसानी से कह दिया तुमने,
की बस अब तुम मुझे भूल जाओ,
साफ साफ लफ्जो मे कह दिया होता,
की बहुत जी लिये, अब तुम मर जाओ.


अजीब था उनका अलविदा कहना,
सुना कुछ नहीं और कहा भी कुछ नहीं,
बर्बाद हुवे उनकी मोहब्बत में,
की लुटा कुछ नहीं और बचा भी कुछ नहीँ.


छोड दो तन्हाई मे मुझको यारो,
साथ मेरे रहकर क्या पाओगे,
अगर हो गई आपको भी मोहब्बत कभी,
मेरी तरह तुम भी पछताओगे.


ज्यादा देर यूँ एक जगह नहीं रूकता हूँ मैं,
बंजारों का कभी कोई ठिकाना हुआ है क्या.
दीवानों की बातें भला कोई समझे तो कैसे,
दीवानों का कभी कोई दीवाना हुआ है क्या.


टूटे हुए दिलो की जरुरत बहुत हैं,
वरना महफ़िल में रंग जमायेगा कौन,
जब टूटेगा ही नहीं दिल किसी का,
तो मयखाने में पीने आएगा कौन.


हमारी ज़िंदगी तो कब की भिखर गयी,
हसरते सारी दिल में ही मर गयी,
चल पड़ी वो जब से बैठ के डोली में,
हमारी तो जीने की तमन्ना ही मर गयी.


बिखरी हुयी ज़िंदगी तमन्नाओ का ढेर होती हैं,
अच्छी शायरी शब्दों का हेर फेर होती हैं,
टुटा हुआ दिल गम का घर होता हैं,
नाकाम आशिक़ ज़र ज़र रोता हैं,
हम जो सोचे कहा सच में वो सच होता हैं.


टूटे हुए प्याले में जाम नहीं आता,
इश्क़ में मरीज को आराम नहीं आता,
ये बेवफा दिल तोड़ने से पहले ये सोच तो लिया होता,
के टुटा हुआ दिल किसी के काम नहीं आता.


कलम उठाई है, लफ्ज नही मिलता,
जिसे ढूँढ रहा हूँ वो शक्स नही मिलता,
फिरते हो तुम जमाने की तलाश में,
बस हमारे लिए तुम्हें वक्त नही मिलता.


कितना दर्द है दिल में दिखाया नहीं जाता,
गंभीर है किस्सा सुनाया नहीं जाता,
एक बार जी भर के देख लो इस चहेरे को,
क्योंकि बार-बार कफ़न उठाया नहीं जाता.


माना की मोहोब्बत के किस्से मशहूर होते है,
मगर दुनिया के भी कुछ अपने दस्तूर होते है,
दुनिया कायम है इसलिए की वो है पत्थर की,
जबकि शीशे कें दिल ही चकना चूर होते है.


छोड दी हमने हमेशा के लिए,
उसकी आरजू करना.
जिसे मोहब्बत की कदर ना हो,
उसे दुआओं मे क्या मांगना.


नफरतें लाख मिलीं पर मोहब्बत न मिली,
ज़िन्दगी बीत गयी मगर राहत न मिली,
तेरी महफ़िल में हर एक को हँसता देखा,
एक मैं था जिसे हँसने की इजाज़त न मिली.


तुझे भूलकर भी न भूल पायेगें हम,
बस यही एक वादा निभा पायेगें हम,
मिटा देंगे खुद को भी जहाँ से लेकिन,
तेरा नाम दिल से न मिटा पायेगें हम.


वक़्त नूर को बेनूर बना देता है,
छोटे से जख्म को नासूर बना देता है,
कौन चाहता है अपनों से दूर रहना,
पर वक़्त सबको मजबूर बना देता है.

कभी मुझ को साथ लेकर,
कभी मेरे साथ चल कर,
वो बदल गया अचानक,
मेरी जिन्दगी बदल कर…

Final Words

तो मेरे प्यारे दोस्तों था मैं तेरे लायक नहीं हु शायरी कलेक्शन, हम उम्मीद करते है की आपको ये सभी शायरी पसंद आई होगी. यदि आपको ये शायरी अच्छी लगी तो प्लीज १ लाइक जरुर करे और अपनी गर्लफ्रेंड या बॉयफ्रेंड के साथ भी आप इसे शेयर भी कर सकते है.

यदि आपके पास कोई अन्य “में तेरे काबिल नहीं हु शायरी” है तो आप कमेंट में हमारे साथ शेयर जरुर करे और हम आपकी शायरी को इस पोस्ट में आपके नाम के साथ शामिल जरुर करेंगे. धन्येवाद दोस्तों और ऐसे ही हमारी दोस्ती पोस्ट भी पढ़े.

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