Love Shayari in Hindi | लव शायरी

Love Shayari in Hindi – Hello my lovely friends in this post I am going to share best love shayari in Hindi for girlfriend and boyfriend. Love is everything in life and for every boyfriend and girlfriend love is very important thing which they must have in their relationship.

Many boys and girls were requesting me to post best Hindi love shayari collection for boyfriend and girlfriend and because of this today I am sharing very romantic love shayari for all of you guys.

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So without wasting any time let’s start reading this wonderful best romantic Hindi love shayari collection.

Read – Romantic shayari in hindi

Best Love Shayari in Hindi 2019 ( लव शायरी )

love shayari in hindi

प्यार तो जिंदगी का एक अफसाना है,

इसका अपना ही एक तराना है,

सबको मालूम है की मिलेंगे सिर्फ आंसू,

पर न जाने क्यों, दुनिया में हर कोई इसका दीवाना है.


खुशबू बनकर आपके पास बिखर जायेंगे,

हवा बनकर आपके सांसो में समां जायेंगे,

धड़कन बनकर आपके दिल में उतर जायेंगे,

जरा महसूस करने की कोशिश तो कीजिये,

दूर रहकर भी पास नजर आएंगे.


प्यार किया बदनाम हो गए,

चर्चे हमारे सरेआम हो गए,

जालिम ने दिल उस वक़्त तोडा,

जब हम उसके गुलाम हो गए.


घर से बाहर कॉलेज जाने के लिए वो नकाब में निकली,

सारी गली उनके पीछे निकली,

इनकार करते थे वो हमारी मोहब्बत से,

और हमारी ही तस्वीर उसकी किताब से निकली.


उलझी शाम को पाने की जिद ना करो,

जो ना हो अपना उसे अपनाने की जिद ना करो,

इस समंदर में तूफ़ान बहुत आते है,

इसके साहिल पर घर बनाने की जिद ना करो.


रात गुमसु है मगर चैन खामोश नहीं,

कैसे कह दू आज फिर से होश नहीं,

ऐसा डूबा तेरी आँखों की गहराई में,

हाथ में जाम है मगर पीने का होश नहीं.


वफ़ा का दरिया कभी रुकता नहीं,

इश्क में प्रेमी कभी झुकता नहीं,

खामोश है हम किसी के ख़ुशी के लिए,

ना सोचो की हमारा दिल कभी दुखता नहीं.


कांच का तोफा ना देना कभी,

रूठ कर लोग तोड़ दिया करते है,

जो बहुत अच्छे हो उनसे प्यार मत करना,

अक्सर अच्छे लोग ही दिल तोड़ दिया करते है.


ना मिले किसी का साथ तो हमे याद रखना,

तन्हाई महसूस हो तो हमे याद करना,

खुशियाँ बाटने के लिए दोस्त हजारो रखना,

जब गम बटना हो तो हमे याद रखना.


दर्द का एहसास जानना है तो love करके देखो,

अपनी आँखों में किसी को उतार कर देखो,

चोट उनको लगेगी आंसू तुम्हे आज जायेंगे,

ये एहसास जानना हो तो कभी दिल लगाकर तो देखो.


तेरी मोहब्बत से मुझे इनकार नहीं,

कौन कहता है जान मुझे तुझसे प्यार नहीं,

तुझसे वादा है साथ निभाने का,

पर मुझे अपनी सांसो पर एतबार नहीं.


सुकून मिलता है जब उनसे बात होती है,

हज़ार रातो में वो एक रात होती है,

निगाह उठाकर जब देखते है वो मेरी तरफ,

मेरे लिए वो ही पल पूरी कायनात होती है.


आग दिल में लगी जब वो खफा हुए,

महसूस हुआ तब, जब वो जुदा हुए,

करके वफ़ा कुछ दे ना सके वो,

पर बहुत कुछ दे गए जब वो बेवफा हो गए.


किसी ना किसी पर किसी को ऐतबार हो जाता है,

अजनबी कोई करीबी यार हो जाता है,

खुबिया से नहीं होती मोहब्बत सदा,

कमियों से भी अक्सर प्यार हो जाता है.


दिल का हाल बताना नहीं आता,

किसी को ऐसे तडपना नहीं आता,

सुनना चाहते है आपकी आवाज़,

मगर बात करने का बहाना नहीं आता.


साथ अगर दोगे तो मुस्कुराएंगे जरुर,

प्यार अगर दिल से करोगे तो निभाएंगे जरुर,

राह में कितने भी कांटे क्यों ना हो,

आवाज अगर दिल से दोगे तो आएंगे जरुर.


तेरे चेहरे पर मार नूर होगा,

फिर तू ना कभी मुझसे दूर होगा,

सोच क्या ख़ुशी मिलेगी जान उस पल,

जिस पर तेरी मांग में मेरे नाम का सिंदूर होगा.


नज़रे मिले तो प्यार हो जाता है,

पलके उठे तो इज़हार हो जाता है,

ना जाने क्यों कोशिश है चाहत में,

के कोई अजनबी भी हमारी जिन्दरी का हक़दार हो जाता है.


प्यार ने हमे बेनाम कर दिया,

हर ख़ुशी से हमे अनजान कर दिया,

हमने तो कभी नहीं चाह की हमे भी मोहब्बत हो,

लेकिन आपकी एक नज़र से हमे नीलाम कर दिया.


बदलना आता नहीं हमे मौसम की तरह,

हर एक मौसम में तेरा इंतज़ार करते है,

ना तुम समझ सकोगे जिसे क़यामत तक,

कसम तुम्हारी तुम्हे इतना ज्यादा love करते है.


मुस्कान का कोई मोल नहीं होता,

रिश्ते का कोई तोल नहीं होता,

लोग तो मिल जाते है हर रास्ते पर,

लेकिन हर कोई आपकी तरह अनमोल नहीं होता.


किसी उदास मौसम में,

मेरी आँखों पे वो हाथ रख दे अपना,

और हस्ती हुए कह दे,

पहचान लो तो हम तुम्हारे,

और ना पहचानो तो तुम हमारे… love you forever


मेरी सांसो में बिखर जाओ तो अच्छा है,

बन के रूह मेरे जिस्म में उतर जाओ तो अच्छा है,

किसी रात तेरी गोद में सर रख कर सो जाऊ में,

उस रात की कभी सुबह ना हो तो अच्छा है.


प्यार जब मिलता नहीं तो होता क्यों है,

अगर सपने सच नहीं होते तो इंसान सोता क्यों है,

जब यही प्यार आँखों के सामने किसी और का हो जाये,

तो फिर ये पागल दिल इतना रोता क्यों है.


हसीनो ने हसीं बनकर गुनाह किया,

औरो को तो क्या हमको भी तबाह किया,

पेश किया जब गजलो में हमने उनकी बेवफाई को,

औरो ने तो क्या उन्होंने भी वाह-वाह किया.


कुछ चीजे हम पुरानी छोड़ आये है,

आते आते उसकी आँखों में पानी छोड़ आये है,

ये ऐसा दर्द है जो बयां हो ही नहीं सकता,

दिल तो साथ ले आये लेकिन अपनी धड़कन वही छोड़ आये है.


हर दिल का एक राज़ होता है,

हर बात का एक अंदाज़ होता है,

जब तक ना लगे बेवफाई की ठोकर,

हर किसी को अपनी पसंद पर नाज़ होता है.


एक हथेली तेरो हो, एक हथेली मेरी हो,

दोनों मिलके अपने रब से प्यार की मांगे दुआ,

पर के इस खेल में दो दिलो के मेल में,

जीत हो तो दोनों की हो अगर हार हो तो अकेली मेरी हो.


ना जिद है ना कोई गुरुर है हमे,

बस तुम्हे पाने का सुरूर है हमे,

प्यार करना गुनाह है तो गलती की है हमने,

सजा जो भी हो मंजूर है हमे.


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अगर तुम न होते तो ग़ज़ल कौन कहता!
तुम्हारे चहरे को कमल कौन कहता!
यह तो करिश्मा है मोहब्बत का!
वरना पत्थर को ताज महल कौन कहता!


तुम्हारे नाम को होंठों पर सजाया है मैंने!
तुम्हारी रूह को अपने दिल में बसाया है मैंने!
दुनिया आपको ढूंढते ढूंढते हो जायेगी पागल!
दिल के ऐसे कोने में छुपाया है मैंने!


चुपके चुपके पहले वो ज़िन्दगी में आते हैं;
मीठी मीठी बातों से दिल में उतर जाते हैं;
बच के रहना इन हुस्न वालों से यारो;
इन की आग में कई आशिक जल जाते हैं।


देख लेते हो मोहब्बत से यही काफी है,
दिल धड़कता है सहूलत से यही काफी है,
हाल दुनिया के सताए हुए कुछ लोगों का,
पूछ लेते हो शरारत से यही काफी है।


मेरी यादो मे तुम हो, या मुझ मे ही तुम हो,
मेरे खयालो मे तुम हो, या मेरा खयाल ही तुम हो,
दिल मेरा धडक के पूछे, बार बार एक ही बात,
मेरी जान मे तुम हो, या मेरी जान ही तुम हो।


बैठे हैं दिल में ये अरमां जगाये,
कि वो आज नजरों से हमें अपनी पिलायें;
मजा तो तब ही पीने का यारो,
इधर हम पियें और नशा उनको हो जाये।


जिसका वजूद नहीं, वह हस्ती किस काम की,
जो मजा न दे, वह मस्ती किस काम की,
जहाँ दिल न लगे, वो बस्ती किस काम की,
हम आपको याद न करें, तो फिर ये मोहब्बत किस काम की।


देख मेरी आँखों में ख्वाब किसके हैं,
दिल में मेरे सुलगते तूफ़ान किसके हैं,
नहीं गुज़रा कोई आज तक इस रास्ते से हो कर,
फिर ये क़दमों के निशान किसके हैं।


आँखों में आंसुओं की लकीर बन गयी;
जैसी चाहिए थी वैसी तकदीर बन गयी;
हमने तो सिर्फ रेत में उंगलियाँ घुमाई थी;
गौर से देखा तो आपकी तस्वीर बन गयी।


सफर वहीं तक है जहाँ तक तुम हो,
नजर वहीं तक है जहाँ तक तुम हो,
हजारों फूल देखे हैं इस गुलशन में मगर,
खुशबू वहीं तक है जहाँ तक तुम हो।


आँखों से दूर दिल के करीब था, मैं उस का वो मेरा नसीब था;
न कभी मिला न जुदा हुआ, रिश्ता हम दोनों का कितना अजीब था।


रिश्ते किसी से कुछ यूँ निभा लो, कि उसके दिल के सारे गम चुरा लो;
इतना असर छोड दो किसी पे अपना, कि हर कोई कहे हमें भी अपना बना लो।


मेरी चाहतें तुमसे अलग कब हैं, दिल की बातें तुम से छुपी कब हैं;
तुम साथ रहो दिल में धड़कन की जगह, फिर ज़िन्दगी को साँसों की ज़रूरत कब है।


हर बात का कोई जवाब नही होता,
हर इश्क का नाम खराब नही होता,
यूँ तो झूम लेते हैं नशे में पीने वाले,
मगर हर नशे का नाम शराब नही होता।


तेरे प्यार का सिला हर हाल में देंगे;
खुदा भी मांगे ये दिल तो टाल देंगे;
अगर दिल ने कहा तुम बेवफ़ा हो;
तो इस दिल को भी सीने से निकाल देंगे।


तेरी आवाज़ तेरे रूप की पहचान है;
तेरे दिल की धड़कन में दिल की जान है;
ना सुनूं जिस दिन तेरी बातें;
लगता है उस रोज़ ये जिस्म बेजान है।


इस दिल की हर धड़कन का एहसास हो तुम;
तुम क्या जानो हमारे लिए कितने ख़ास हो तुम;
जुदा होकर तुमने हमे मौत से भी बदतर सज़ा दी है;
फिर भी इस तड़पते हुए दिल ने तुम्हें खुश रहने की दुआ दी है।


तू ही मिल जाये मुझे ये ही काफ़ी है;
मेरी हर साँस ने बस यही दुआ माँगी है;
जाने क्यों दिल खींचा जाता है तेरी तरफ़;
क्या तुमने भी मुझे पाने की कोई दुआ माँगी है।


मेरी साँसों में बिखर जाओ तो अच्छा होगा;
बन के रूह मेरे जिस्म में उतर जाओ तो अच्छा होगा;
किसी रात तेरी गोद में सिर रख के सो जाऊं;
फिर उस रात की कभी सुबह ना हो तो अच्छा होगा।


क्या मांगू खुदा से तुम्हें पाने के बाद;
किसका करूँ इंतज़ार तेरे आने के बाद;
क्यों इश्क़ में जान लुटा देते हैं लोग;
मैंने भी यह जाना तुमसे इश्क़ करने के बाद।


कुछ उलझे हुए सवालों से डरता है दिल;
ना जाने क्यों तन्हाई में बिखरता है दिल;
किसी को पा लेना कोई बड़ी बात तो नहीं;
पर उनको खोने से डरता है यह दिल।


तेरा एहसान हम कभी चुका नहीं सकते;
तू अगर माँगे जान तो इंकार कर नहीं सकते;
माना कि ज़िंदगी लेती है इम्तिहान बहुत;
तू अगर हो हमारे साथ तो हम कभी हार नहीं सकते।


इश्क़ में हर लम्हा ख़ुशी का एहसास बन जाता है;
दीदार-ए-यार भी खुदा का दीदार बन जाता है;
जब होता है नशा मोहब्बत का;
तो अक्सर आईना भी ख्वाब बन जाता है।


आपसे दूर भला हम कैसे रह पाते;
दिल से आपको कैसे भुला पाते;
काश कि आप इस दिल के अलावा आईने में भी रहते;
देखते जब आइना खुद को देखने को तो वहाँ भी आप ही नज़र आते।


तू महक बन कर मुझ से गुलाबों में मिला कर;
जिसे छू कर मैं महसूस कर सकूँ;
तू मस्ती की तरह मुझ से शराबों में मिला कर;
मैं भी इंसान हूँ, डर मुझ को भी है बहक जाने का;
इस वास्ते तू मुझ से हिजाबों में मिला कर।


इत्तेफ़ाक़ से ही सही मगर मुलाकात हो गयी;
ढूंढ रहे थे हम जिन्हें आखिर उन से बात हो गयी;
देखते ही उन को जाने कहाँ खो गए हम;
बस यूँ समझो दोस्तो वहीं से हमारे प्यार की शुरुआत हो गयी।


कुछ सोचूं तो तेरा ख्याल आ जाता है;
कुछ बोलूं तो तेरा नाम आ जाता है;
कब तलक बयाँ करूँ दिल की बात;
हर सांस में अब तेरा एहसास आ जाता है।


खुशबू ने फूल को एक अहसास बनाया;
फूल ने बाग को कुछ खास बनाया;
चाहत ने मोहब्बत को एक प्यास बनाया;
और इस मोहब्बत ने एक और देवदास बनाया।


तुम्हारी दुनिया से जाने के बाद;
हम तुम्हें हर एक तारे में नज़र आया करेंगे;
तुम हर पल कोई दुआ माँग लेना;
और हम हर पल टूट जाया करेंगे।


इश्क के रिश्ते कितने अजीब होते है?
दूर रहकर भी कितने करीब होते है;
मेरी बर्बादी का गम न करो;
ये तो अपने अपने नसीब होते हैं!


इश्क मोहब्बत तो सब करते हैं!
गम – ऐ – जुदाई से सब डरते हैं
हम तो न इश्क करते हैं न मोहब्बत!
हम तो बस आपकी एक मुस्कुराहट पाने के लिए तरसते हैं!


तुम्हारे नाम को होंठों पर सजाया है मैंने!
तुम्हारी रूह को अपने दिल में बसाया है मैंने!
दुनिया आपको ढूंढते ढूंढते हो जायेगी पागल!
दिल के ऐसे कोने में छुपाया है मैंने!


इस कदर हम उनकी मोहब्बत में खो गए!
कि एक नज़र देखा और बस उन्हीं के हम हो गए!
आँख खुली तो अँधेरा था देखा एक सपना था!
आँख बंद की और उन्हीं सपनो में फिर सो गए!


आँखों में तेरी डूब जाने को दिल चाहता है!
इश्क में तेरे बर्बाद होने को दिल चाहता है!
कोई संभाले मुझे, बहक रहे है मेरे कदम!
वफ़ा में तेरी मर जाने को दिल चाहता है!


तपिश से बच के घटाओं में बैठ जाते हैं;
गए हुए कि सदाओं में बैठ जाते हैं;
हम इर्द-गिर्द के मौसम से घबरायें;
तेरे ख्यालों की छाओं में बैठ जाते हैं।


संगमरमर के महल में तेरी ही तस्वीर सजाऊंगा
मेरे इस दिल में ऐ प्यार तेरे ही ख्वाब सजाऊंगा
यूँ एक बार आजमा के देख तेरे दिल में बस जाऊंगा
मैं तो प्यार का हूँ प्यासा जो तेरे आगोश में मर जाऊॅंगा।


तेरे प्यार का सिला हर हाल में देंगे;
खुदा भी मांगे ये दिल तो टाल देंगे;
अगर दिल ने कहा तुम बेवफ़ा हो;
तो इस दिल को भी सीने से निकाल देंगे।


तुम बिन ज़िंदगी सूनी सी लगती है;
हर पल अधूरी सी लगती है;
अब तो इन साँसों को अपनी साँसों से जोड़ दे;
क्योंकि अब यह ज़िंदगी कुछ पल की मेहमान सी लगती है।


यूँ तो तमन्नाएं दिल में ना थी हमें लेकिन;
ना जाने तुझे देखकर क्यों आशिक़ बन बैठे;
बंदगी तो खुदा की भी करते थे लेकिन;
ना जाने क्यों हम काफ़िर बन बैठे।


बेवजह हम वजह ढूंढ़ते हैं तेरे पास आने को;
ये दिल बेकरार है तुझे धड़कन में बसाने को;
बुझी नहीं प्यास इन होंठों की अभी;
न जाने कब मिलेगा सुकून तेरे इस दीवाने को।


देख मेरी आँखों में ख्वाब किसके हैं;
दिल में मेरे सुलगते तूफ़ान किसके हैं;
नहीं गुज़रा कोई आज तक इस रास्ते से हो कर;
फिर ये क़दमों के निशान किसके हैं।


आईने में भी खुद को झांक कर देखा
खुद को भी हमने तनहा करके देखा
पता चल गया हमें कितनी मोहब्बत है आपसे
जब तेरी याद को दिल से जुदा करके देखा।


फिर से वो सपना सजाने चला हूँ;
उमीदों के सहारे दिल लगाने चला हूँ;
पता है कि अंजाम बुरा ही होगा मेरा;
फिर भी किसी को अपना बनाने चला हूँ।


ना दिल से होता है, ना दिमाग से होता है;
ये प्यार तो इत्तेफ़ाक़ से होता है;
पर प्यार करके प्यार ही मिले;
ये इत्तेफ़ाक़ भी किसी-किसी के साथ होता है।


तेरी आवाज़ तेरे रूप की पहचान है;
तेरे दिल की धड़कन में दिल की जान है;
ना सुनूं जिस दिन तेरी बातें;
लगता है उस रोज़ ये जिस्म बेजान है।


चाहत के ये कैसे अफ़साने हुए
खुद नज़रों में अपनी बेगाने हुए
अब दुनिया की नहीं कोई परवाह हमें
इश्क़ में तेरे इस कदर दीवाने हुए।


प्यासी ये निगाहें तरसती रहती हैं;
तेरी याद में अक्सर बरसती रहती हैं;
हम तेरे ख्यालों में डूबे रहते हैं;
और ये ज़ालिम दुनिया हम पे हँसती रहती है।


उसके चेहरे पर इस क़दर नूर था
कि उसकी याद में रोना भी मंज़ूर था
बेवफा भी नहीं कह सकते उसको ज़ालिम
प्यार तो हमने किया है वो तो बेक़सूर था।


हर घडी एक नाम याद आता है;
कभी सुबह, कभी शाम याद आता है;
सोचते हैं हम कि कर लें फिर से मोहब्बत;
फिर हमें मोहब्बत का अंजाम याद आता है।


बड़ी मुद्दत से चाहा है तुम्हें;
बड़ी दुआओं से पाया है तुम्हें;
तुम ने भुलाने का सोचा भी कैसे;
किस्मत की लकीरों से चुराया है तुम्हें।


ज़माने भर में आशिक कोई हमसा नही होगा;
खूबसूरत सनम भी कोई तुमसा नहीं होगा;
मर भी जाये उसकी बाहों में तो कोई गम नही यारो;
क्योंकी उसके आँचल से खूबसूरत कोई कफ़न नहीं होगा।


कभी मोहब्बत करो तो हमसे करना
दिल की बात जुबाँ पर आये तो हम से कहना
न कह सको कुछ तो आँखें झुका लेना
हम समझ जायेंगे हमें तुम न कुछ कहना।


चुराकर दिल मेरा वो बेखबर से बैठे हैं
मिलाते नहीं नज़र हमसे अब शर्मा कर बैठे हैं
देख कर हमको छुपा लेते हैं मुँह आँचल में अपना
अब घबरा रहे हैं कि वो क्या कर बैठे हैं।


ज़िंदगी जीने के लिए मुझे दुआ चाहिए;
उस पर किस्मत की भी वफ़ा चाहिए;
खुदा के रहम से सब कुछ है मेरे पास;
बस प्यार करने के लिए आप जैसा कोई महबूब चाहिए।


तू ही मिल जाये मुझे ये ही काफ़ी है;
मेरी हर साँस ने बस यही दुआ माँगी है;
जाने क्यों दिल खींचा जाता है तेरी तरफ़;
क्या तुमने भी मुझे पाने की कोई दुआ माँगी है।


जो रहते हैं दिल में वो जुदा नहीं होते;
कुछ एहसास लफ़्ज़ों से बयां नहीं होते;
एक हसरत है कि उनको मनाये कभी;
एक वो हैं कि कभी खफा नहीं होते।


करिये तो कोशिश हमको याद करने की
फुर्सत के लम्हे तो अपने आप मिल जायेंगे
दिल में अगर है चाहत हमसे मिलने की
बहाने मिलने के खुद-ब-खुद बन जायेंगे।


माना कि किस्मत पे मेरा कोई ज़ोर नही;
पर ये सच है कि मोहब्बत मेरी कमज़ोर नही;
उस के दिल मे, उसकी यादो मे कोई और है लेकिन;
मेरी हर साँस में उसके सिवा कोई और नही।


क्या मांगू खुदा से तुम्हें पाने के बाद
किसका करूँ इंतज़ार तेरे आने के बाद
क्यों इश्क़ में जान लुटा देते हैं लोग
मैंने भी यह जाना तुमसे इश्क़ करने के बाद।


कुछ उलझे हुए सवालों से डरता है दिल;
ना जाने क्यों तन्हाई में बिखरता है दिल;
किसी को पा लेना कोई बड़ी बात तो नहीं;
पर उनको खोने से डरता है यह दिल।


कुछ उलझे हुए सवालों से डरता है दिल;
ना जाने क्यों तन्हाई में बिखरता है दिल;
किसी को पा लेना कोई बड़ी बात तो नहीं;
पर उनको खोने से डरता है यह दिल।


तेरा एहसान हम कभी चुका नहीं सकते;
तू अगर माँगे जान तो इंकार कर नहीं सकते;
माना कि ज़िंदगी लेती है इम्तिहान बहुत;
तू अगर हो हमारे साथ तो हम कभी हार नहीं सकते।


किसी पत्थर में मूर्त है, कोई पत्थर की मूर्त है
लो हम ने देख ली दुनिया, जो इतनी खूबसूरत है
ज़माना अपनी न समझे कभी पर मुझे खबर है
कि तुझे मेरी ज़रूरत है और मुझे तेरी ज़रूरत है।


लाख बंदिशें लगा दे यह दुनिया हम पर;
मगर दिल पर काबू हम कर नहीं पायेंगे;
वो लम्हा आखिरी होगा हमारी ज़िन्दगी का;
जिस पल हम तुझे इस दिल से भूल जायेंगे।


ऐसा जगाया आपने कि अब तक ना सो सके
यूँ रुलाया आपने कि महफ़िल में हम ना रो सके
ना जाने क्या बात है आप में सनम
माना है जबसे तुम्हें अपना किसी के ना हम हो सके।


माना कि किस्मत पे मेरा कोई ज़ोर नही;
पर ये सच है कि मोहब्बत मेरी कमज़ोर नही;
उसके दिल में, उसकी यादो में कोई और है लेकिन;
मेरी हर साँस में उसके सिवा कोई और नही।


अगर मैं हद से गुज़र जाऊं तो मुझे माफ़ करना;
तेरे दिल में उतर जाऊं तो मुझे माफ़ करना;
रात में तुझे तेरे दीदार की खातिर;
अगर मैं सब कुछ भूल जाऊं तो मुझे माफ़ करना।


फ़िज़ा में महकती शाम हो तुम;
प्यार में झलकता जाम हो तुम;
सीने में छुपाये फिरते हैं चाहत तुम्हारी;
तभी तो मेरी ज़िंदगी का दूसरा नाम हो तुम।


अब आएं या न आएं इधर पूछते चलो;
क्या चाहती है उनकी नज़र पूछते चलो;
हम से अगर है तर्क-ए-ताल्लुक तो क्या हुआ;
यारो कोई तो उनकी ख़बर पूछते चलो।


अब आएं या न आएं इधर पूछते चलो;
क्या चाहती है उनकी नज़र पूछते चलो;
हम से अगर है तर्क-ए-ताल्लुक तो क्या हुआ;
यारो कोई तो उनकी ख़बर पूछते चलो।


फूलों की याद आती है काँटों को छूने पर;
रिश्तों की समझ आती है फासलों पे रहने पर;
कुछ जज़्बात ऐसे भी होते हैं जो आँखों से बयां नहीं होते;
वो तो महसूस होते हैं ज़ुबान से कहने पर।


दुःख में ख़ुशी की वजह बनती है मोहब्बत;
दर्द में यादों की वजह बनती है मोहब्बत;
जब कुछ भी अच्छा ना लगे हमें दुनिया में;
तब हमारे जीने की वजह बनती है मोहब्बत।


दुःख में ख़ुशी की वजह बनती है मोहब्बत;
दर्द में यादों की वजह बनती है मोहब्बत;
जब कुछ भी अच्छा ना लगे हमें दुनिया में;
तब हमारे जीने की वजह बनती है मोहब्बत।


मैं तेरे प्यार में इतना ग़ुम होने लगा हूँ;
जहाँ भी जाऊं बस तुम्हें ही सामने पाने लगा हूँ;
हालात यह हैं कि हर चेहरे में तू ही तू दिखता है;
ऐ मेरे खुदा अब तो मैं खुद को भी भुलाने लगा हूँ।


इश्क़ फिर वो रंग लाया है कि जी जाने ह
दिल का ये रंग बनाया है कि जी जाने है
नाज़ उठाने में जफ़ाएं तो उठाई लेकिन
लुत्फ़ भी ऐसा उठाया है कि जी जाने है।


अपने घर की खिड़की से मैं आसमान को देखूँगा;
जिस पर तेरा नाम लिखा है उस तारे को ढूँढूँगा;
तुम भी हर शब दिया जला कर पलकों की दहलीज़ पर रखना;
मैं भी रोज़ एक ख़्वाब तुम्हारे शहर की जानिब भेजूँगा।


सीने में दिल तो हर एक के होता है;
लेकिन हर एक दिल में प्यार नहीं होता;
प्यार करने के लिए तो दिल होता है;
दिल में छुपाने के लिए प्यार नहीं होता।


दूरियों की ना परवाह कीजिये;
दिल जब भी पुकारे बुला लीजिये;
कहीं दूर नहीं हैं हम आपसे;
बस अपनी पलकों को आँखों से मिला लीजिये।


दूरियों की ना परवाह कीजिये;
दिल जब भी पुकारे बुला लीजिये;
कहीं दूर नहीं हैं हम आपसे;
बस अपनी पलकों को आँखों से मिला लीजिये।


कैसे कहूँ कि अपना बना लो मुझे
बाहों में अपनी समा लो मुझे
बिन तुम्हारे एक पल भी कटता नहीं
आ कर एक बार मुझ से चुरा लो मुझे।


मुझे भी अब नींद की तलब नहीं रही;
अब रातों को जागना अच्छा लगता है;
मुझे नहीं मालूम वो मेरी किस्मत में है या नहीं;
मगर उसे खुदा से माँगना अच्छा लगता है।


इत्तेफ़ाक़ से यह हादसा हुआ है
चाहत से मेरा वास्ता हुआ है
दूर रह कर बड़ा बेताब था दिल
पास आ कर भी हाल बुरा हुआ है।


इश्क़ में हर लम्हा ख़ुशी का एहसास बन जाता है
दीदार-ए-यार भी खुदा का दीदार बन जाता है
जब होता है नशा मोहब्बत का
तो अक्सर आईना भी ख्वाब बन जाता है।


यूँ नज़रों से आपने बात की और दिल चुरा ले गए;
हम तो समझे थे अजनबी आपको;
पर दे कर बस एक मुस्कुराहट अपनी;
आप तो हमें अपना बना गए।


रूठी हो अगर ज़िंदगी तो मना लेंगे हम;
मिले जो गम अगर वो भी सह लेंगे हम;
बस आप रहना हमेशा साथ हमारे तो;
निकलते हुए आँसुओं में भी मुस्कुरा लेंगे हम।


ना मैं ख्याल में तेरे ना मैं गुमान में हूँ;
यकीन दिल को नहीं है कि इस जहान में हूँ;
खुदाया रखियेगा दुनिया में सरफ़राज़ मुझे;
मैं पहले इश्क़ के, पहले इम्तिहान में हूँ।


आप को देख कर यह निगाह रुक जाएगी
ख़ामोशी अब हर बात कह जाएगी
पढ़ लो अब इन आँखों में अपनी मोहब्बत
कसम से सारी कायनात इसे सुनने को थम जाएगी।


चाहतों ने किया मुझ पे ऐसा असर
जहाँ देखूं मैं देखूं तुझे हमसफ़र
मेरी खामोशियाँ भी जुबान बन गयी
मेरी बेचैनियां इश्क़ की दास्तान बन गयी।


न आज लुत्फ़ कर इतना कि कल गुज़र न सके;
वह रात जो कि तेरे गेसुओं की रात नहीं;
यह आरजू भी बड़ी चीज़ है मगर हमदम;
विसाले यार फकत आरजू की बात नहीं।


आँखों की गहराई को समझ नहीं सकते;
होंठों से हम कुछ कह नहीं सकते;
कैसे बयाँ करें हम यह हाल-ए-दिल आपको;
कि तुम्हीं हो जिसके बगैर हम रह नहीं सकते।


तू महक बन कर मुझ से गुलाबों में मिला कर;
जिसे छू कर मैं महसूस कर सकूँ;
तू मस्ती की तरह मुझ से शराबों में मिला कर;
मैं भी इंसान हूँ, डर मुझ को भी है बहक जाने का;
इस वास्ते तू मुझ से हिजाबों में मिला कर।


करते हैं हम तुमसे मोहब्बत
हमारी खता यह माफ़ करना
है अगर बदनाम मोहब्बत हमारी
तुम प्यार को बदनाम मत करना।


करते हैं हम तुमसे मोहब्बत
हमारी खता यह माफ़ करना
है अगर बदनाम मोहब्बत हमारी
तुम प्यार को बदनाम मत करना।


लाखों में इंतिख़ाब के क़ाबिल बना दिया;
जिस दिल को तुमने देख लिया दिल बना दिया;
पहले कहाँ ये नाज़ थे, ये इश्वा-ओ-अदा;
दिल को दुआएँ दो तुम्हें क़ातिल बना दिया।


कब उनके लबों से इज़हार होगा
दिल के किसी कोने में हमारे लिए भी प्यार होगा
गुज़र रही हैं अब तो यह रातें बस इसी सोच में
कि शायद उनको भी हमारा इंतज़ार होगा।


अजीब नशा है होशियार रहना चाहता हूँ;
मैं उस के ख़्वाब में बेदार रहना चाहता हूँ;
ये मौज-ए-ताज़ा मेरी तिश्नगी का वहम सही;
मैं इस सराब में सरशार रहना चाहता हूँ।


कुछ सोचूं तो तेरा ख्याल आ जाता है
कुछ बोलूं तो तेरा नाम आ जाता है
कब तक छुपाऊँ दिल की बात
उसकी हर अदा पर मुझे प्यार आ जाता है।


आप को भूल जाऊं यह नामुमकिन सी बात है
आप को न हो यकीन यह और बात है
जब तक रहेगी साँस तब तक आप रहोगे याद
टूट जाये यह साँस तो यह और बात है।


बगैर जाने-पहचाने इक़रार ना कीजिये;
मुस्कुरा कर यूँ दिलों को बेक़रार ना कीजिये;
फूल भी दे जाते हैं ज़ख़्म गहरे कभी-कभी;
हर फूल पर यूँ ऐतबार ना कीजिये।


निकला करो इधर से भी होकर कभी कभी;
आया करो हमारे भी घर पर कभी कभी;
माना कि रूठ जाना यूँ आदत है आप की;
लगते मगर हैं अच्छे आपके ये तेवर कभी कभी।


मोहब्बत के लबोँ पर फिर वही तकरार बैठी है;
एक प्‍यारी सी मीठी सी कोई झनकार बैठी है;
तुझसे दूर रहकर के हमारा हाल है ऐसा;
मैँ तेरे बिन यहाँ तू मेरे बिन वहाँ बेकार बैठी है।


आँखों के सामने हर पल आपको पाया है;
अपने दिल में सिर्फ आपको ही बसाया है;
आपके बिना हम जियें भी तो कैसे;
भला जान के बिना भी कोई जी पाया है।


उनके दीदार के लिए दिल तड़पता है
उनके इंतज़ार में दिल तरसता है
क्या कहें इस कमबख्त दिल को अब
अपना होकर भी जो किसी और के लिए धड़कता है।


धोखा ना देना कि तुझपे ऐतबार बहुत है;
ये दिल तेरी चाहत का तलबगार बहुत है;
तेरी सूरत ना दिखे तो दिखाई कुछ नही देता;
हम क्या करें कि तुझसे हमें प्यार बहुत है।


कच्ची दीवार हूँ ठोकर ना लगाना मुझे
अपनी नज़रों में बसा कर ना गिराना मुझे
तुम को आँखों में तसावुर की तरह रखता हूँ
दिल में धड़कन की तरह तुम भी बसाना मुझे।


तन्हाइयों में मुस्कुराना इश्क़ है;
एक बात को सब से छुपाना इश्क़ है;
यूँ तो नींद नहीं आती हमें रात भर;
मगर सोते-सोते जागना और जागते-जागते सोना ही इश्क़ है।


खुशबू की तरह मेरी हर साँस में
प्यार अपना बसाने का वादा करो
रंग जितने तुम्हारी मोहब्बत के हैं
मेरे दिल में सजाने का वादा करो।


हम वो फूल हैं जो रोज़ रोज़ नहीं खिलते;
यह वो होंठ हैं जो कभी नहीं सिलते;
हम से बिछड़ोगे तो एहसास होगा तुम्हें;
हम वो दोस्त हैं जो रोज़ रोज़ नहीं मिलते।


तुम को तो जान से प्यारा बना लिया;
दिल को सुकून आँख का तारा का बना लिया;
अब तुम साथ दो या ना दो तुम्हारी मर्ज़ी;
हम ने तो तुम्हें ज़िन्दगी का सहारा बना लिया।


जाने कहाँ थे और और चले थे कहाँ से हम;
बेदार हो गए किसी ख्वाब-ए-गिराँ से हम;
ऐ नौ-बहार-ए-नाज़ तेरी निकहतों की खैर;
दामन झटक के निकले तेरे गुलसिताँ से हम।


तेरे बिना टूट कर बिखर जायेंगे;
तुम मिल गए तो गुलशन की तरह खिल जायेंगे;
तुम ना मिले तो जीते जी ही मर जायेंगे;
तुम्हें जो पा लिया तो मर कर भी जी जायेंगे।


ऐ आशिक तू सोच तेरा क्या होगा
क्योंकि हशर की परवाह मैं नहीं करता
फनाह होना तो रिवायत है तेरी
इश्क़ नाम है मेरा मैं नहीं मरता।


दिल की हसरत मेरी ज़ुबान पे आने लगी;
तुमने देखा और ये ज़िन्दगी मुस्कुराने लगी;
ये इश्क़ के इन्तहा थी या दीवानगी मेरी;
हर सूरत में मुझे सूरत तेरी नज़र आने लगी।


ये दिल भुलाता नहीं है मोहब्बतें उसकी;
पड़ी हुई थी मुझे कितनी आदतें उसकी;
ये मेरा सारा सफर उसकी खुशबू में कटा;
मुझे तो राह दिखाती थी चाहतें उसकी।


कभी दोस्ती कहेंगे कभी बेरुख़ी कहेंगे
जो मिलेगा कोई तुझसा उसे ज़िन्दगी कहेंगे
तेरा देखना है जादू तेरी गुफ़्तगू है खुशबू
जो तेरी तरह चमके उसे रोशनी कहेंगे।


ख्याल में आता है जब भी उसका चेहरा
तो लबों पे अक्सर फरियाद आती है
भूल जाता हूँ सारे ग़म और सितम उसके
जब ही उसकी थोड़ी सी मोहब्बत याद आती है।


मेरे दिल ने जब भी कभी कोई दुआ माँगी है;
हर दुआ में बस तेरी ही वफ़ा माँगी है;
जिस प्यार को देख कर जलते हैं यह दुनिया वाले;
तेरी मोहब्बत करने की बस वो एक अदा माँगी है।


प्यार वो है जिसमे सच्चाई हो;
साथी की हर बात का एहसास हो;
उसकी हर अदा पर नाज़ हो;
दूर रह कर भी पास होने का एहसास हो।


क्यों तू अच्छा लगता है, वक़्त मिला तो सोचेंगे;
तुझ में क्या क्या देखा है, वक़्त मिला तो सोचेंगे;
सारा शहर शहंशाही का दावेदार तो है लेकिन;
क्यों तू हमारा अपना है, वक़्त मिला तो सोचेंगे।


जब से तूने मुझे दीवाना बना रखा है
संग हर शख्स ने हाथों में उठा रखा है
उसके दिल पर भी कड़ी इश्क में गुजरी होगी
नाम जिसने भी मोहब्बत का सज़ा रखा है!


हर खामोशी का मतलब इंकार नहीं होता;
हर नाकामयाबी का मतलब हार नहीं होता;
तो क्या हुआ अगर हम तुम्हें न पा सके;
सिर्फ पाने का मतलब प्यार नहीं होता!


किसी का क्या जो क़दमों पर जबीं-ए-बंदगी रख दी
हमारी चीज़ थी हमने जहां जानी वहां रख दी
जो दिल माँगा तो वो बोले ठहरो याद करने दो
ज़रा सी चीज़ थी हमने जाने कहाँ रख दी!


दिल से तेरी निगाह जिगर तक उतर गई;
दोनों को इक अदा में रजामंद कर गई;
शक हो गया है सीना, ख़ुशी लज्जते-फ़िराक;
तकलीफे-पर्दादारी-ए-ज़ख्म-जिगर गई!


दुख मे खुशी की वजह बनती है मोहब्बत;
दर्द मे यादों की वजह बनती है मोहब्बत;
जब कुछ भी अच्छा नहीं लगता दुनिया में;
तब जीने की वजह बनती है मोहब्बत।


कुछ चेहरे भुलाए नहीं जाते
कुछ नाम दिल से मिटाए नहीं जाते
मुलाक़ात हो न हो, अय मेरे यार
प्यार के चिराग कभी बुझाए नहीं जाते।


कुछ चेहरे भुलाए नहीं जाते
कुछ नाम दिल से मिटाए नहीं जाते
मुलाक़ात हो न हो, अय मेरे यार
प्यार के चिराग कभी बुझाए नहीं जाते।


कुछ सोचूं तो तेरा ख्याल आ जाता है
कुछ बोलूं तो तेरा नाम आ जाता है
कब तलक बयाँ करूँ दिल की बात
हर सांस में अब तेरा एहसास आ जाता है।


हर बार दिल से ये पैगाम आए;
ज़ुबाँ खोलूं तो तेरा ही नाम आए;
तुम ही क्यूँ भाए दिल को क्या मालूम;
जब नज़रों के सामने हसीन तमाम आए|


ये दिल न जाने क्या कर बैठा;
मुझसे बिना पूछे ही फैसला कर बैठा;
इस ज़मीन पर टूटा सितारा भी नहीं गिरता;
और ये पागल चाँद से मोहब्बत कर बैठा।


तक़दीर के आईने में मेरी तस्वीर खो गई;
आज हमेशा के लिए मेरी रूह सो गई;
मोहब्बत करके क्या पाया मैंने;
वो कल मेरी थी आज किसी और की हो गई!


ज़िन्दगी सिर्फ मोहब्बत नहीं कुछ और भी है;
ज़ुल्फ़-ओ-रुखसार की जन्नत नहीं कुछ और भी है;
भूख और प्यास की मारी हुई इस दुनिया में;
इश्क ही इक हकीकत नहीं कुछ और भी है!


बहते अश्कों की ज़ुबान नहीं होती;
लफ़्ज़ों में मोहब्बत बयां नही होती;
मिले जो प्यार तो कदर करना;
किस्मत हर कीसी पर मेहरबां नहीं होती।


कब तक रहोगे आखिर यूं दूर हमसे
मिलना पड़ेगा आखिर एक दिन जरूर हमसे
दामन बचाने वाले ये बेरुखी है कैसी?
कह दो अगर हुआ है कोई कसूर हमसे!


दिल में प्यार का आगाज हुआ करता है;
बातें करने का अंदाज हुआ करता है;
जब तक दिल को ठोकर नहीं लगती;
सबको अपने प्यार पर नाज हुआ करता है!


दिल की किताब में गुलाब उनका था;
रात की नींदों में ख्वाब उनका था;
कितना प्यार करते हो जब हमने पूछा;
मर जायेंगे तुम्हारे बिना यह जवाब उनका था।


खुशबू ने फूल को एक अहसास बनाया
फूल ने बाग को कुछ खास बनाया
चाहत ने मोहब्बत को एक प्यास बनाया
और इस मोहब्बत ने एक और देवदास बनाया।


वफा के बदले बेवफाई ना दिया करो;
मेरी उम्मीद ठुकरा कर इंकार ना किया करो;
तेरी मोहब्बत में हम सब कुछ खो बैठे;
जान चली जायेगी इम्तिहान ना लिया करो।


इश्क है वही जो हो एक तरफा
इजहार है इश्क तो ख्वाईश बन जाती है
है अगर इश्क तो आँखों में दिखाओ
जुबां खोलने से ये नुमाइश बन जाती है।


चुपके से आकर इस दिल में उतर जाते हो;
सांसों में मेरी खुशबु बन के बिखर जाते हो;
कुछ यूँ चला है तेरे ‘इश्क’ का जादू;
सोते-जागते तुम ही तुम नज़र आते हो।


कोई चाँद से मोहब्बत करता है
कोई सूरज से मोहब्बत करता है
हम उनसे मोहब्बत करते हैं
जो हमसे मोहब्बत करते हैं।


जब भी उनकी गली से गुज़रता हूँ;
मेरी आंखें एक दस्तक दे देती हैं;
दुःख ये नहीं, वो दरवाजा बंद कर देते हैं;
खुशी ये है, वो मुझे अब भी पहचान लेते हैं!


तुम्हारी दुनिया से जाने के बाद;
हम तुम्हें हर एक तारे में नज़र आया करेंगे;
तुम हर पल कोई दुआ माँग लेना;
और हम हर पल टूट जाया करेंगे।


सब कुछ है मेरे पास पर दिल की दवा नहीं
दूर वो मुझसे हैं पर मैं खफा नहीं
मालूम है अब भी वो प्यार करते हैं मुझसे
वो थोड़ा सा जिद्दी है, मगर बेवफा नहीं!


वफ़ा का लाज हम वफा से निभायेगें;
चाहत के दीप हम आँखों से जलाएंगे;
कभी जो गुजरना हो तुम्हें दूसरे रास्तों से;
हम फूल बनकर तेरी राहों में बिखर जायेंगे!


जो दिल से करीब हो उसे रुसवा नहीं कहते;
यूं अपनी मोहब्बत का तमाशा नहीं करते;
खामोश रहेंगे तो घुटन और बढ़ेगी;
इसलिए अपनों से कोई बात छुपाया नहीं करते!


आँखों में आंसुओं की लकीर बन गई
जैसी चाहिए थी वैसी तकदीर बन गई
हमने तो सिर्फ रेत में उंगलियाँ घुमाई थी
गौर से देखा तो आपकी तस्वीर बन गई!


ना जाने वो कौन तेरा हबीब होगा;
तेरे हाथों में जिसका नसीब होगा;
कोई तुम्हें चाहे ये कोई बड़ी बात नहीं;
लेकिन तुम जिसको चाहो, वो खुश नसीब होगा!


लोग कहते हैं पिये बैठा हूँ मैं;
खुद को मदहोश किये बैठा हूँ मैं;
जान बाकी है वो भी ले लीजिये;
दिल तो पहले ही दिये बैठा हूँ मैं।


एक जनाजा और एक बारात टकरा गए
उनको देखने वाले भी चकरा गए
ऊपर से आवाज आई-ये कैसी विदाई है
महबूब की डोली देखने साजन कि अर्थी भी आई है।


छुपा लूं तुझको अपनी बाँहों में इस तरह, कि हवा भी गुजरने की इजाज़त मांगे
मदहोश हो जाऊं तेरे प्यार में इस तरह, कि होश भी आने की इजाज़त मांगे!


दो दिलो की मोहब्बत से जलते हैं लोग;
तरह-तरह की बातें तो करते हैं लोग;
जब चाँद और सूरज का होता है खुलकर मिलन;
तो उसे भी “सूर्य ग्रहण” तक कहते हैं लोग!


इश्क का जिसको ख्वाब आ जाता है
समझो उसका वक़्त खराब आ जाता है
महबूब आये या न आये
पर तारे गिनने का तो हिसाब आ ही जाता है!


रात होगी तो चाँद दुहाई देगा;
ख्वाबों में आपको वह चेहरा दिखाई देगा;
ये मोहब्बत है, ज़रा सोचकर करना;
एक आंसू भी गिरा तो सुनाई देगा!


हम रूठे तो किसके भरोसे, कौन आएगा हमें मनाने के लिए;
हो सकता है, तरस आ भी जाए आपको;
पर दिल कहाँ से लाये, आप से रूठ जाने के लिए!


कोई छुपाता है, कोई बताता है
कोई रुलाता है, तो कोई हंसाता है
प्यार तो हर किसी को ही किसी न किसी से हो जाता है
फर्क तो इतना है कि कोई अजमाता है और कोई निभाता है!


ना आना लेकर उसे मेरे जनाजे में;
मेरी मोहब्बत की तौहीन होगी;
मैं चार लोगो के कंधे पर हूंगा;
और मेरी जान पैदल होगी!


खफा न होना हमसे, अगर तेरा नाम जुबां पर आ जाये
इंकार हुआ तो सह लेंगे और अगर दुनिया हंसी, तो कह देंगे
कि मोहब्बत कोई चीज़ नहीं, जो खैरात में मिल जाये
चमचमाता कोई जुगनू नहीं, जो हर रात में मिल जाये


मेरी मोहब्बत है वो कोई मज़बूरी तो नही;
वो मुझे चाहे या मिल जाये, जरूरी तो नही;
ये कुछ कम है कि बसा है मेरी साँसों में वो;
सामने हो मेरी आँखों के जरूरी तो नही!


उनके आने के इंतज़ार में हमनें
सारे रास्ते दिएँ से जलाकर रोशन कर दिए!
उन्होंने सोचा कि मिलने का वादा तो रात का था
वो सुबह समझ कर वापस चल दिए।


दिल की धड़कन और मेरी सदा है वो;
मेरी पहली और आखिरी वफ़ा है वो;
चाहा है उसे चाहत से बड़ कर;
मेरी चाहत और चाहत की इंतिहा है वो!


कभी हँसता है प्यार, कभी रुलाता है प्यार
हर पल की याद दिलाता है यह प्यार
चाहो या न चाहो पर आपके होने का एहसास दिलाता है ये प्यार
वेलेंटाइन डे की शुभकामनाए!


फूल खिलते रहे जिंदगी की राह में;
हंसी चमकती रहे आपकी निगाह में;
कदम कदम पर मिले ख़ुशी की बाहर आपको;
दिल देता है यही दुआ बार-बार आपको;


कोई अच्छा लगे तो उनसे प्यार मत करना
उनके लिए अपनी नींदे बेकार मत करना
दो दिन तो आएँगे खुशी से मिलने
तीसरे दिन कहेंगे इंतज़ार मत करना!


रेत पर नाम कभी लिखते नहीं;
रेत पर नाम कभी टिकते नहीं;
लोग कहते है कि हम पत्थर दिल हैं;
लेकिन पत्थरों पर लिखे नाम कभी मिटते नहीं!


माना आज उन्हें हमारा कोई ख़याल नहीं;
जवाब देने को हम राज़ी है, पर कोई सवाल नहीं!
पूछो उनके दिल से क्या हम उनके यार नहीं;
क्या हमसे मिलने को वो बेकरार नहीं!


आज असमान के तारों ने मुझे पूछ लिया
क्या तुम्हें अब भी इंतज़ार है उसके लौट आने का!
मैंने मुस्कुराकर कहा
तुम लौट आने की बात करते हो
मुझे तो अब भी यकीन नहीं उसके जाने का!


प्यार कमजोर दिल से किया नहीं जा सकता!
ज़हर दुश्मन से लिया नहीं जा सकता!
दिल में बसी है उल्फत जिस प्यार की!
उसके बिना जिया नहीं जा सकता!


मोहब्बत ऐसी थी कि उनको दिखाई न दी!
चोट दिल पर थी इसलिए दिखाई न गयी!
चाहते नहीं थे उनसे दूर होना पर!
दुरिया इतनी थी कि मिटाई न गयी!


उदास नहीं होना, क्योंकि मैं साथ हूँ!
सामने न सही पर आस-पास हूँ!
पल्को को बंद कर जब भी दिल में देखोगे!
मैं हर पल तुम्हारे साथ हूँ!


माना की तुम जीते हो ज़माने के लिये!
एक बार जी के तो देखो हमारे लिये!
दिल की क्या औकात आपके सामने!
हम तो जान भी दे देंगे आपको पाने के लिये!


मोहब्बत मुझे थी उसी से सनम!
यादों में उसकी यह दिल तड़पता रहा!
मौत भी मेरी चाहत को रोक न सकी!
कब्र में भी यह दिल धड़कता रहा!


तुम्हारे नाम को होंठों पर सजाया है मैंने!
तुम्हारी रूह को अपने दिल में बसाया है मैंने!
दुनिया आपको ढूंढते ढूंढते हो जायेगी पागल!
दिल के ऐसे कोने में छुपाया है मैंने!


अगर तुम न होते तो ग़ज़ल कौन कहता!
तुम्हारे चहरे को कमल कौन कहता!
यह तो करिश्मा है मोहब्बत का!
वरना पत्थर को ताज महल कौन कहता!

Final words

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