दूरी शायरी | दूरियाँ शायरी

दूरी शायरी – हेल्लो दोस्तों आज इस पोस्ट में हम आपके साथ दूरियाँ शायरी शेयर करने वाले है जो की हर बॉयफ्रेंड या गर्लफ्रेंड को बहुत अच्छा लगेगा क्यूंकि अक्सर ये देखा गया है की कोई भी बॉयफ्रेंड या गर्लफ्रेंड एक दुसरे से बहुत ज्यादा प्यार करते है लेकिन वो लोग दूर होते है.

या फिर किसी प्रॉब्लम की वजह से उन दोनों के बीच में दूरियाँ आ जाती है और उनको दूर होने की जरुरत पढ़ जाती है. लेकिन जब ऐसा होता है तो दिल बहुत रोता है और दुखी हो जाता है.

दोस्तों इस पोस्ट में आपको ऐसी ही कुछ दिल को छु जाने वाली शायरी मिलेगी जिसको पढ़कर आपका दिल भी टच हो जायेगा. तो फिर चलो दोस्तों ज्यादा टाइम बर्बाद ना करते हुए सीधे इस पोस्ट को स्टार्ट करते है.

दूरी शायरी | दूरियाँ शायरी

duri shayari

मेरे जीवन के हर पहलू में,
तेरा भी एक है रंग रहा,
अब तू तो न है संग मेरे,
पर तेरी यादों का है संग रहा.


आप होते है जिंदगी में,
तो हर कमी पूरी हो जाती है,
बिना आपके के तो,
ये जिंदगी भी अधूरी हो जाती.


खुदा से उन्हें पाने की हम आज भी फ़रियाद करते हैं,
अक्सर बीते लम्हों को जहन में आबाद करते हैं,
जिस्म तो मशीन बन गया है आपके के जाने के बाद,
मगर भूले नहीं है उन्हें हम हर पल याद करते हैं.


जान से प्यारे दोस्त जब,
जिंदगी के किसी मोड़ पर बिछड़ जाते हैं,
दिल खामोश, आँखें नम हो जाती हैं,
आप जब भी हमें याद आते हैं.


हमारी दोस्ती की महक,
तेरे ख्यालों की बगिया में आज भी महकती होगी,
इतना आसान कहाँ है भूल पाना मुझे,
मेरी यादें तेरे सीने में अब तलक धड़कती होंगी.


कदमो की दूरी से दिलों के फासले नहीं बढ़ते,
किसी से दूर होने से एहसास नहीं मारते,
कुछ कदमो का फासला ही सही हमारे बीच,
लेकिन ऐसा कोई पल नहीं जब हम आपको याद नहीं करते.


ये दूरी हमसे अब और सही नहीं जाती,
बस तेरे पास आने को मेरा जी चाहता है,
तोड़ कर सारी दुनिया कि रस्मो-रिवाजों को,
तुझे अपना बनाने को जी चाहता है.


मुद्दत से जिसके वास्ते दिल बेकरार था,
वो लौट के ना आया जिसका इंतजार था,
मंज़िल करीब आई तो वो दूर हो गया,
इतना तो बता जाता कि ये कैसा प्यार था.


अब ऐसे ही ज़िन्दगी को गुज़ारा करेंगे हम,
आओ न पास फिर भी पुकारा करेंगे हम,
दीवार इक रिवाज़ की हमारे है दरमियाँ,
अब दूर से ही तुमको निहारा करेंगे हम.


कुछ आवारा ये मौसम हैं,
और नशा हैं जुदाई का,
कैसे भूलू कितना भूलू,
दौर हैं ये तन्हाई का.


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तन्हाई कि दूरी को कैसे मिटाऊं,
पूछ कर देख अपने दिल से,
ये दिल तुझको कितना चाहता है,
अपनी चाहत को शब्दों मैं कैसे बताऊँ.


दूरियाँ बहुत हैं मगर इतना समझ लो,
पास रह कर ही कोई ख़ास नहीं होता,
तुम इस कदर पास हो मेरे दिल के,
मुझे दूरियों का एहसास नहीं होता.


गलतियों से जुदा तू भी नही, मैं भी नहीं,
दोनों इंसान हैं, ख़ुदा तू भी नही, मैं भी नहीं,
गलतफहमियों ने कर दी दोनो में पैदा दूरियां,
वरना फितरत का बुरा तू भी नही था, मैं भी नही.


ना दूर हमसे जाया करों, दिल तड़प जाता हैं,
आपके ख्यालों में ही, हमारा दिन गुजर जाता हैं,
पूछता हैं यह दिल एक सवाल आपसे,
क्या दूर रहकर भी आपको हमारा ख्याल आता हैं.


वक्त नूर को बेनूर कर देता हैं,
छोटे से जख्म को नासूर कर देता हैं,
कौन चाहता हैं अपनों से दूर होना,
लेकिन वक्त सबको मजबूर कर देता हैं.


दूरियाँ ही नजदीक लाती हैं,
दूरियाँ ही एक दूजे की याद दिलाती हैं,
दूर होकर भी कोई करीब हैं कितना,
दूरियाँ ही इस बात का एहसास दिलाती हैं.


हम तुमसे दूर कैसे रह पाते,
दिल से तुमको कैसे भूल पाते,
काश तुम आईने में बसे होते,
ख़ुद को देखते तो तुम नज़र आते.


तुम्हारी खामोशी हमारी आदत है,
इन दूरियों में भी हमारी चाहत है,
हमारी ज़िन्दगी अगर खूबसूरत है,
तो उसकी वजह भी आपकी मुस्कराहट है.


मिलना इत्तेफाक था बिछड़ना नसीब था,
वो उतना ही दूर चला गया जितना करीब था,
हम उसको देखने के लिए तरसते रहे,
जिस शख्स की हथेली पे हमारा नसीब था.


बिना बताये उसने न जाने क्यों ये दूरी कर दी,
बिछड़ के उसने मोहब्बत ही अधूरी कर दी,
मेरे मुकददर में गम आये तो क्या हुआ,
खुदा ने उसकी ख्वाइश तो पूरी कर दी.


हमारे दरमियाँ ये दूरियाँ न होती,
और कुछ मेरी मजबूरियां न होती,
रहते न यूँ मेरे हाथ खाली,
गर ज़माने की ये बेड़ियाँ न होती.


उसकी उदासी तड़पती है बहुत,
मजबूरियों के आगे घुटने टेके हैं हमने,
कुछ दूरियाँ किस्मत में होती हैं,
वर्ना लाखों सपने बुने है हमने.


सजा न दे मुझे बेक़सूर हूँ मैं,
थाम ले मुझको ग़मों से चूर हूँ मैं,
तेरी दूरी ने कर दिया है पागल मुझे,
और लोग कहते हैं कि मगरूर हूँ मैं.


मोहब्बत ऐसी थी कि उनको बताई न गयी,
चोट दिल पर थी इसलिए दिखाई न गयी,
चाहते नहीं थे उनसे दूर होना पर,
दूरी इतनी थी कि मिटाई न गयी.


तेरी नज़रों से ओझल हो जायेंगे हम,
दूर फ़िज़ाओं में कहीं खो जायेंगे हम,
हमारी यादों से लिपट कर रोते रहोगे,
जब ज़मीन की मट्टी में सो जायेंगे हम.


अभी कुछ दूरियाँ तो कुछ फासले बाकी हैं,
पल पल सिमटती शाम से कुछ रौशनी बाकी हैं,
हमें यकीन है वो देखा हुआ कल आएगा ज़रूर,
अभी वो हौसले वो यकीन बाकी हैं.


उनके दूर जाने के साथ आंखे नम थी,
ज़िन्दगी उनसे शुरू उन पर खत्म थी,
वो रूठ के दूर रहने लगे हमसे,
शायद हमारी मोहब्बत में ही कमी थी.

Final Words

तो मेरे दोस्तों ये थे कुछ बहुत ही sad दूरी शायरी कलेक्शन आप सभी लोगो के लिए, हम उम्मीद करते है की आपको हमारी ये सभी दूरियाँ शायरी जरुर पसंद आई होगी. यदि आप भी अपने बॉयफ्रेंड या गर्लफ्रेंड से दूर हो तो उनके साथ ये शायरी को जरुर शेयर करे ताकि उनको पता चल पाए की उनसे दूर होने पर आपको कितनी तकलीफ और दुख होता है.

आप इस पोस्ट को whatsapp और फेसबुक पर भी जरुर शेयर करे और यदि आपके पास भी ऐसी कोई दूर जाने वाली शायरी है तो प्लीज उसको हमारे साथ कमेंट में जरुर शेयर करे और हम आपकी शायरी को इस पोस्ट में आपके नाम के साथ जरुर शामिल करेंगे. धन्येवाद दोस्तों और ऐसे ही हमारी दूरी शायरी कलेक्शन को भी जरुर पढ़े.

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