बात नहीं करने की शायरी | बात ना करने वाली शायरी

बात नहीं करने की शायरी – हेल्लो मेरे प्यारे मित्रों आज के इस पोस्ट में हम आपके साथ बात नहीं करने वाली शायरी शेयर करने वाले है जिसको यदि आप अपने बॉयफ्रेंड या गर्लफ्रेंड से नाराज या गुस्सा हो तब उनके साथ whatsapp और फेसबुक पर शेयर कर सकते हो.

दोस्तों ये ये सभी बात ना करने वाली शायरी बहुत ही sad और उदास है और यदि आप इस शायरी को अपने लवर के साथ शेयर करते हो तब उनको भी बहुत बुरा लगेगा और हो सकता है की उनको अपनी गलती का एहसास हो जाये.

दोस्तों अक्सर देखा गया है की बॉयफ्रेंड और गर्लफ्रेंड के बीच में अनबन होती रहती है और उसके चलते वो लोग आपस में बात करना बंद कर देते है तो ऐसी सिचुएशन में आप इन शायरी को जरुर शेयर करे. तो फीर चलो दोस्तों ज्यादा टाइम ना लेते हुए सीधे पोस्ट को स्टार्ट करते है.

बात नहीं करने की शायरी

बात ना करने वाली शायरी

बात नहीं करने की शायरी
बात नहीं करने की शायरी | बात ना करने वाली शायरी

नाराज़ करने वाले तेरी,
कोई खता ही नही,
मोहब्बत क्या होती है सायद,
तुझे पता ही नही.


किसी को क्या बताये की,
कितने मजबूर है हम.
चाहा था सिर्फ एक तुमको और,
अब तुम से ही दूर है हम.


तु भी आईने की तरह,
बेवफा निकला,
जो सामने आया,
उसी का हो गया.


जिंदगी देने वाले , मरता छोड़ गये,
अपनापन जताने वाले तन्हा छोड़ गये,
जब पड़ी जरूरत हमें अपने हमसफर की,
वो जो साथ चलने वाले, रास्ता मोड़ गये.


ज़िन्दगी ने आज कह दिया है मुझे,
किसी और से प्यार है,
मेरी मौत से पूछो,
अब उसे किस बात का इंतज़ार है.


दोस्त ने दोस्त को, दोस्त के लिए रुला दिया,
क्या हुआ जो किसी केलिए उसने हूमें भुला दिया,
हम तो वैसे भी अकेले थे अच्छा हुआ,
जो उसने हमे एहसास तो दिला दिया.


ना हम रहे दील लगाने के क़ाबील,
ना दील रहा गम उठाने के क़ाबिल,
लगा उसकी यादों से जो ज़ख़्म दिल पर,
ना छोड़ा उस ने मुस्कुराने के क़ाबील.


टूटे हुए गिलास में जाम नहीं आता,
इश्क के मरीजों को आराम नहीं आता,
दिल तोड़ने से पहले सोचा तो होता,
टुटा हुआ दिल किसी के काम नहीं आता.


काटो के बदले फूल क्या दोगे,
आँसू के बदले खुशी क्या दोगे,
हम चाहते है आप से उमर भर की दोस्ती,
हमारे इस शायरी का जवाब क्या दोगे.


काश वो नगमे सुनाए ना होते,
आज उनको सुनकर ये आँसू आए ना होते,
अगर इस तरह भूल जाना ही था,
तो इतनी गहराई से दिल में समाए ना होते.


ज़ख़्म जब मेरे सीने के भर जाएँगे,
आँसू भी मोती बनकर बिखर जाएँगे,
ये मत पूछना किस किस ने धोखा दिया,
वरना कुछ अपनो के चेहरे उतर जाएँगे.


उतरे जो ज़िन्दगी तेरी गहराइयों में,
महफ़िल में रह के भी रहे तनहाइयों में,
इसे दीवानगी नहीं तो और क्या कहें,
प्यार ढुढतेँ रहे परछाईयों मेँ.


मंजीले मुश्किल थी पर हम खोये नहीं,
दर्द था दिल में पर हम रोये नहीं,
कोई नहीं आज हमारा जो पूछे हमसे,
जाग रहे हो किसी के लिए..या किसी के लिये सोये नहीं.


इस कदर रूठा है मुझसे लौट कर आया नही,
एक अरसा हो गया उस शख्श को देखा नही.,
पूछते हो बात क्या तुम उस बुत-ए-मगरूर की,
अपनी कहता है किसी की बात वो सुनता नही.


वो कह के चले इतनी मुलाक़ात बहुत है,
मैने कहा रुक जाओ अभी रात बहुत है,
आसू मेरे थम जाए तो फिर शोक से जाना,
ऐसे मे कहा जाओगे बरसात बहुत है.


दुनिया के साथ मै भी अर्ज़ियो मे था,
अपना घर जला के खुद तमाशियो मे था,
तुमको क्या मिला मेरे दिल को कुरेद कर,
जो ज़ख़्म था वो रूह की गहराईयो मे था.


वो खुश है पर शायद हम से नहीं,
वो नाराज़ है पर शायद हम से नहीं,
वो कहता है उसके दिल में मोहब्बत नहीं,
मोहब्बत तो है पर शायद हमसे नही.


जिसने हक़ दिया मुझे मुस्कुराने का,
उसका शौक है मुझे रुलाने का,
जो लहरों से लड़कर लाया था किनारों पर,
उसे इंतज़ार है अब मेरे डूब जाने का.


किसी की याद को दिल में बसाकर रोए,
किसी की तस्वीर को सीने से लगाकर रोए,
जो वादा किया था हमने किसी से,
हम उस वादे को निभाकर रोए.


उदासी तबियत पर छा जाएगी,
तुम्हे जब मेरी याद आएगी,
मेरे बाद ढूँढोगे मेरी वफ़ा को,
मेरी वफ़ा तो मेरे साथ जाएगी.


आज हम हैं, कल हमारी यादें होंगी,
जब हम न होंगे, तब हमारी बातें होंगी,
कभी पलटोगे ज़िन्दगी के पन्ने,
तो आप की आँखें भी नम होंगी.


सर झुकाने की आदत नहीं है,
आँसू बहाने की आदत नहीं है,
हम खो गए तो पछताओगे बहुत,
क्योंकि हमारी लौट आने की आदत नहीं है.


कुछ लोग कहते हैं कि बदल गया हूँ मैं,
उनको ये नहीं पता कि संभल गया हूँ मैं,
उदासी आज भी मेरे चेहरे से झलकती है,
पर अब दर्द में भी मुस्कुराना सीख गया हूँ मैं.


इस कदर हम यार को मनाने निकले,
उसकी चाहत के हम दीवाने निकले,
जब भी उसे दिल का हाल बताना चाहा,
उसके होंठों से वक्त न होने के बहाने निकले.


हम तो तेरे दिल की महफ़िल सजाने आए थे,
तेरी कसम तुझे अपना बनाने आए थे,
किस बात की सजा दी तूने मुझको,
हम तो तेरा दर्द अपना बनाने आए थे.


चाँद की रोशनी में भी,
ना जाने कैसा सुरूर होते है,
हम जिसे भी चाहते है,
वो अक्सर हमसे दूर होता है.


माना की आज हम अकेले रह गए,
जुदाई के आंसू आंखो से बह गए,
रोते हुए को कौन चुप कराएगा,
जो चुप कराते थे वहीं रोने को कह गए.


चाहा ना उसने मुझे बस देखता रहा,
मेरी ज़िंदगी से वो इस तरह खेलता रहा,
ना उतरा कभी मेरी ज़िंदगी की झील में,
बस किनारे पर बैठा पथर फेंकता रहा.

Final Words

तो दोस्तों ये थे कुछ बहुत ही उदास और sad बात नहीं करने की शायरी कलेक्शन, हम उम्मीद करते है की आपको हमारी ये बात ना करने वाली शायरी अच्छी लगी होगी.

यदि यदि हो तो इसको अपनी गर्लफ्रेंड या बॉयफ्रेंड के साथ फेसबुक और whatsapp पर शेयर भी जरुर करे और दोस्तों पोस्ट को १ लाइक भी जरुर करे.

इसके अलावा यदि आपके पास कोई दूसरी ऐसी ही शायरी है तो आप हमारे साथ कमेंट में जरुर शेयर करे और उसको हम आपके नाम के साथ इस पोस्ट में जरुर शेयर करेंगे. और ऐसे ही हमारे दुसरे पोस्ट को भी पढ़े धन्येवाद दोस्तों.

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